
केंद्र ने PM-सेतु के तहत तीन ITI क्लस्टरों के लिए 735.70 करोड़ की निवेश योजनाओं को दी मंजूरी
नई दिल्ली- 08 सितंबर। कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय की प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम-सेतु) योजना के तहत राष्ट्रीय संचालन समिति (एनएससी) ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना के आईटीआई क्लस्टरों के लिए 735.70 करोड़ रुपये की रणनीतिक निवेश योजनाओं (एसआईपी) को मंजूरी दी है।
कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय संचालन समिति की पांचवीं बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में प्रशिक्षण महानिदेशक दिलीप कुमार, अतिरिक्त सचिव एवं वित्तीय सलाहकार जी. मधुमिता दास, संयुक्त सचिव मानसी सहाय ठाकुर, विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी, बहुपक्षीय विकास बैंकों के प्रतिनिधि तथा उद्योग जगत के साझेदार शामिल हुए।
मंत्रालय के अनुसार, नई मंजूरियों के साथ पीएम-सेतु के तहत स्वीकृत कुल निवेश बढ़कर 2,171 करोड़ रुपये हो गया है, जो देशभर के नौ आईटीआई क्लस्टरों में आधुनिक, उद्योग आधारित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण संस्थानों के विकास को गति देगा।
राजस्थान में भिवाड़ी आईटीआई क्लस्टर के लिए 241 करोड़ रुपये की निवेश योजना को मंजूरी दी गई है। इस क्लस्टर में राजकीय आईटीआई भिवाड़ी को हब तथा अलवर, नीमराना, तिजारा और किशनगढ़ बास आईटीआई को स्पोक संस्थानों के रूप में शामिल किया गया है। इस योजना का प्रस्ताव एच.जी. इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड ने प्रस्तुत किया था।
तेलंगाना के मेडकल आईटीआई क्लस्टर के लिए 254.30 करोड़ रुपये की निवेश योजना को मंजूरी दी गई। यह प्रस्ताव जेन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड की ओर से दिया गया था। मेडकल आईटीआई हब होगा, जबकि अलवाल, शमीरपेट, कुकुनूरपल्ली और सिद्धिपेट आईटीआई इससे जुड़े स्पोक संस्थान होंगे।
उत्तर प्रदेश के मेरठ आईटीआई क्लस्टर के लिए 240.40 करोड़ रुपये की निवेश योजना को मंजूरी मिली है। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) की ओर से प्रस्तुत इस योजना में राजकीय आईटीआई, साकेत, मेरठ को हब तथा गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्धनगर और बागपत आईटीआई को स्पोक के रूप में शामिल किया गया है।
मंत्रालय ने बताया कि पीएम-सेतु योजना उद्योग आधारित हब एंड स्पोक मॉडल पर कार्य करती है। इसके तहत आधारभूत ढांचे का आधुनिकीकरण, मौजूदा ट्रेडों का उन्नयन, नए दीर्घकालिक और अल्पकालिक पाठ्यक्रमों की शुरुआत तथा उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित की जा रही है।
बैठक के दौरान एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड, राजस्थान सरकार और भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के बीच शेयरधारक समझौते (एसएचए) पर भी हस्ताक्षर किए गए। इसके साथ ही राजस्थान पीएम-सेतु योजना के तहत एसएचए लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।



