एजुकेशनभारत

जो समाज अपने शिक्षकों का सम्मान करता है, वह सही अर्थों में प्रगतिशील समाज होता है: राष्ट्रपति 

नई दिल्ली- 05 सितंबर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार को कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बल पर ही विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि संविधान में निहित अवसरों की समानता के आदर्शों को कार्यरूप देने का सबसे प्रभावी माध्यम शिक्षा है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि देश में एक भी विद्यार्थी अच्छी शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।

राष्ट्रपति ने शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि जो समाज अपने शिक्षकों का सम्मान करता है, वह सही अर्थों में प्रगतिशील समाज होता है। शिक्षा व्यवस्था में शिक्षक प्राणवायु का संचार करते हैं और अपने स्नेह तथा समर्पण से विद्यार्थियों में ज्ञान, प्रेरणा, नैतिकता और संवेदनशीलता का विकास करते हैं।

राष्ट्रपति ने ओडिशा के रायरंगपुर स्थित श्री अरविंदो इंटीग्रल एजुकेशन सेंटर में पढ़ाए अपने विद्यार्थियों को याद किया और कहा कि उन्होंने अपने छात्रों से भी बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने विद्यार्थियों से मिले प्रेम और स्नेह को अपने जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया।

उन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों में ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों के शिक्षकों की बड़ी संख्या पर प्रसन्नता व्यक्त की। राष्ट्रपति ने कहा कि पुरस्कार विजेता शिक्षकों के योगदान और उपलब्धियों पर केंद्रित लघु फिल्मों को देखकर उनका यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि निष्ठावान शिक्षक अग्रिम पंक्ति के राष्ट्र निर्माता हैं।

राष्ट्रपति ने राजस्थान के झालावाड़ जिले के एक गांव के शिक्षक का उल्लेख करते हुए बताया कि किस तरह उन्होंने आधुनिक माध्यमों का उपयोग कर बच्चों को जीव विज्ञान पढ़ाने को प्रभावी बनाया। उन्होंने इसे आधुनिक शिक्षण-पद्धति का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि करीब 12 वर्ष पहले देश में प्राथमिक स्तर पर स्कूल छोड़ने की दर लगभग 4.5 प्रतिशत थी, जो अब नगण्य रह गई है। यह उपलब्धि शिक्षकों के निरंतर प्रयासों से संभव हुई है।

राष्ट्रपति ने कहा कि देश विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है और इस लक्ष्य की प्राप्ति विश्वस्तरीय शिक्षा व्यवस्था के बल पर ही संभव है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि देश का कोई भी विद्यार्थी अच्छी शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।

समारोह में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी, राज्यमंत्री जयंत चौधरी और सुकांत मजूमदार सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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