
MADHUBANI:- दूबही बाजार के किराना व्यवसायी की जाली नोट के मामले में गिरफ्तारी पर उठा सवाल, लोगों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
मधुबनी- 05 अगस्त। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के बासोपट्टी थाना क्षेत्र के दूबही बाजार के छह दर्जन से अधिक लोगों ने पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक को भेजे आवेदन में स्थानीय एक दुकानदार को साजिश के तहत जाली नोट देकर गिरफ्तार किए जाने के मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिस कर्मियों तथा इस मामले में संलिप्त लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
बतादें कि एसएसबी और बिहार एसटीएफ की संयुक्त छापेमारी में किराना व्यवसायी भरत महासेठ को जाली नोट के मामले में गिरफ्तार किया गया। इसको लेकर लोगों द्वारा संयुक्त हस्ताक्षर से दिए गए आवेदन में बताया है कि क्षेत्र के छापेमारी के दौरान मौके पर गांव के अनेकों लोग मौजूद थे। दुकानदार को सुनियोजित तरीके से जाली नोट धमाकर फंसाया गया। बिना निष्पक्ष जांच के उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई। आवेदन में बताया गया है कि यदि किसी व्यक्ति के पास से जाली नोट बरामद होता हैं तो यह भी जांच का विषय है कि वह नोट उसके पास कैसे पहुंचा। दुकानदार को जाली नोट किसने दिया। इन सभी पहलुओं की निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक जांच किए बिना दुकानदार की गिरफ्तारी न्यायोचित प्रतीत नहीं होती। बरामद जाली नोट और दुकानदार के फिंगर प्रिंट का मिलान कर मामले की सत्यता उजागर की जा सकती हैं।
आवेदन में लोगों ने आग्रह है कि पूरे मामले की स्वतंत्र एवं उच्च स्तरीय अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए। दुकान एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, नोट देने वाले की गतिविधि, कॉल डिटेल एवं अन्य सभी साक्ष्यों की गहन जांच कराई जाए, ताकि जांच में यह स्पष्ट हो सके कि किसी ने जानबूझकर जाली नोट देकर दुकानदार को फंसाया है। जांच में लापरवाही और पक्षपात किए जाने वाले के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। जिससे कि दोषी बच नहीं पाए और किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो सके।
आवेदन देने वालों में सुनील साह,शिवलाल साह, इन्द्र कुमार, राजा राम साह, सुधीर कुमार महासेठ, घुरन राय, अबू जेठ, संतोष साह, रामबाबू चौधरी सहित करीब छह दर्जन से अधिक लोग शामिल है।



