
मिथिला पेंटिंग्स की महिला कलाकारों को किया जाएगा प्रोत्साहित: जितेंद्र मोहन झा
मधुबनी- 24 अप्रैल। मिथिला पेंटिंग कलाकारों की समीक्षा बैठक नवटोली स्थित लालमणि मेमोरियल संस्थान में आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए संस्थान के सचिव जितेंद्र मोहन झा ने कहा कि जिले में मिथिला पेंटिंग्स के क्षेत्र में सक्रिय बड़ी संख्या में महिलाएं की पहचान स्थापित की जाएगी। उनका मनोबल बढाया जाएगा। विश्व स्तर अपनी पहचान रखने वाले मिथिला पेंटिंग कलाकारों को सरकार द्वारा मिलने वाली सुविधाएं सुनिश्चित कराने के दिशा में लालमणि मेमोरियल संस्थान द्वारा कार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि महिला कलाकारों को विभाग की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे कि सरकार की योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके। उनकी पेंटिंग का उन्हें उचित मूल्य का समय पर भुगतान की पहल कराई जाएगी। जिससे उन्हें आर्थिक समस्याओं का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने कहा कि जानकारी और जागरूकता के अभाव में कलाकारों का शोषण जारी है। इन गरीब कलाकारों के सामने पूंजी निवेश की सबसे बड़ी समस्या होती है, जबकि उनकी कला के कद्रदानों की कमी नहीं है।
उन्होंने कहा कि लालमणि मेमोरियल संस्थान मिथिला पेंटिंग के कलाकारों को एकजुट कर उनकी समस्याओं के निदान के लिए कृतसंकल्पित होकर काम कर रही है। जब तक उनकी एक निश्चित आमदनी की व्यवस्था नहीं होगी वो आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होगी। संस्थान उनके लिए एक निश्चित मासिक आमदनी के लिए योजना पर काम कर रही है, जिससे वह आत्मनिर्भर बन सके। संस्थान इसके साथ ही कथाकारों के परिवार को आपात स्थिति में उनकी मदद कर उनका संबंल बनाए रखने के दिशा में काम करने की रणनीति पर भी काम कर रही है। बैठक में रामजी नायक, अंकित कुमार, सीमा दास, रानी दत्ता, बुच्ची देवी अजमतून निशा, मीनू मंडल, मंगल राय आदि थे।



