
भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में किसी भी अवैध गतिविधि पर कार्रवाई सुनिश्चित करेंः मुख्य सचिव
मुख्य सचिव ने नेपाली रेलवे स्टेषन का किया निरीक्षण और अधिकारियों के साथ की बैठक, दिए कई अहम निर्देश
मधुबनी- 23 अप्रैल। बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों से संबंधित समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत-नेपाल सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। समीक्षा के दौरान जाली भारतीय मुद्रा के प्रसार, साइबर फ्रॉड,अवैध दूरसंचार गतिविधियों, म्यूल खातों के बढ़ते उपयोग और फर्जी कंपनियों के संचालन जैसे मामलों पर गंभीर चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने इन मामलों की गहन जांच कर त्वरित कार्रवाई करने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया। बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी के समीक्षा के क्रम में तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों एवं गिरोहों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। साथ ही अधिकारियों को एनडीपीएस एक्ट को सख्ती से लागू करने एवं मादक पदार्थों के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाने का निर्देश दिया गया, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में इस प्रकार की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने सीमा क्षेत्रों में नियमित निगरानी बढ़ाने तथा प्रशासनिक सतर्कता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले पांच दिनों से सभी प्रकार के मादक पदार्थों विशेषकर सूखा नशा के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाया गया जिसके काफी सकारत्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। इसी कड़ी में 1000 किलो गांजा की जब्ती की गई है जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 5 करोड़ रुपए है। मुख्य सचिव ने कहा कि विधि व्यवस्था के दृष्टिकोण से सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है। उन्होंने डीएम एसपी को निर्देश दिया कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त एवं अवांछित लोगों को चिन्हित करते हुए स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा दिलवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने चिन्हित केसों का सभी दृष्टिकोण से त्वरित अनुसंधान करने का निर्देश दिया।
मुख्य सचिव ने समीक्षा के क्रम में एसएसबी से बॉर्डर के सुरक्षा की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने एसएसबी के अधिकारियों को बॉर्डर पर पैट्रोलिंग और भी बढ़ाने का निर्देश दिया। वाइब्रेंट विलेज की समीक्षा के क्रम में मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि मधुबनी जिले के सभी 286 वाइब्रेंट विलेज (गांव) में सभी चयनित योजनाओं को त्वरित गति से धरातल पर उतारा जाय ताकि ये भारत के विकसित गांव की श्रेणी में आ सके। उन्होंने सभी गांवों में एसएसबी की सक्रिय भागीदारी का भी निर्देश दिया। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने बताया कि सभी वाइब्रेंट विलेज के पंचायतों की ग्राम सभा में आमंत्रित सदस्य के रूप में एसएसबी के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। मुख्य सचिव ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में सरकारी भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण पर की जा रही कार्रवाई की भी विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा की कड़ी में मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों द्वारा आपसी समन्वय से किए जा रहे कार्यों की सराहना भी की। बैठक के उपरांत मुख्य सचिव ने वरीय अधिकारियों के साथ नेपाली जयनगर रेलवे स्टेशन पहुंचकर सुरक्षा सहित तमाम संवेदनशील बिन्दुओं का जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे का अधिष्ठापन एवं सीसीटीवी कैमरा कंट्रोल रूम का अवलोकन किया। इसी कड़ी में रेलवे स्टेशन पर उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं के अवलोकन के क्रम में संबंधित अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।
बैठक में पुलिस महानिदेशक बिहार विनय कुमार,अपर मुख्य सचिव (गृह) अरविंद कुमार चोधरी,विशेष शाखा एवं एसटीएफ के पुलिस महानिदेशक कुंदन कृष्णन,दरभंगा प्रमंडल के आयुक्त हिमांशु कुमार राय,जिलाधिकारी आनंद शर्मा, पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार, एसएसबी मुज़फ्फरपुर मुख्यालय के उप महानिरीक्षक सरोज कुमार ठाकुर, एसएसबी48वीं वाहिनी जयनगर के कमांडेंट गोविंद सिंह भंडारी,एसएसबी कमान अधिकारी 18वीं वाहिनी राजनगर के खोजा राम लामोर,अपर समाहर्ता मुकेश रंजन,उप निदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी परिमल कुमार, कोंकण रेलवे के प्रतिनिधि सहित संबंधित विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।



