
नेपाल में 100 रुपये से अधिक का भारतीय सामान ले जाने पर देना होगा टैक्स
मधुबनी- 16 अप्रैल। पड़ोसी देश नेपाल की सत्ता पर बालेन सरकार के आते ही नये नियम से भारत-नेपाल के लोगों पर इसका असर देखा जा रहा है। आर्थिक रुप से भारतीय सीमावर्ती क्षेत्र का बाजार 60 प्रतिशत खरीदारी नेपाल के लोगों पर आधारित है। अगर नेपाल के लोगों का भारतीय सीमावर्ती बाजारों में आना बंद हुआ, तो भारतीय बाजार पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है। इसका प्रभाव दोनों देशों के समाजिक व सांस्कृतिक के बीच नकारात्मक असर पड़ेगा। क्योंकि दोनों देशों के बीच बेटी रोटी का संबंध बना हुआ है।
दोनों देशों के बीच शादी विवाह पर नाकारात्मक असर पड़ेगा। शादी विवाह उपहार के रूप में दिया जाता है। नेपाल सरकार के नये नियम से शादी विवाह के लिए लिए भारतीय सामानों पर टैक्स लगेगा। नेपाल सरकार के नये नियम से भारत-नेपाल के आम लोगों के बीच वर्षाे से कायम रिश्ता प्रभावित होने का संभावना है। जिस कारण लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। नेपाल में कोई भी व्यक्ति सौ रुपये से अधिक के भारतीय सामान ले जाने पर उसे टैक्स देना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार द्वारा पारित नये कानून के तहत नेपाल के सशक्त बल एपीएफ के जवानों के द्वारा सीमावर्ती बाजारों में लाउडस्पीकर के माध्यम से सूचना दिया जा रहा है।
नेपाल सरकार के नये नियम से सीमावर्ती भारतीय बाजार पूरी तरह से प्रभावित होने की संभावना है। वहीं इस कानून से तस्करों की बल्ले-बल्ले मानी जा रही है। बताते चलें कि भारत-नेपाल दोनों देशों के बीच वर्षाे से कायम बेटी रोटी के संबंध को लेकर नेपाल में शादी विवाह के मौके पर नेपाली नागरिक भारतीय बाजारों से खाद्यान्न, कपड़ा एवं बर्तन समेत अन्य सामानों की खरीदारी करते आ रहे हैं। इस नये नियम से दोनों देशों के बीच नकारात्मक असर पड़ सकता है।
मधुबनी जिले से लगने वाली 107 किलोमीटर अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे नेपाल के कई गांवों से लोग खरीदारी करने के लिए भारत के सीमावर्ती बाजारों में रोजमर्रा के सामानों की खरीदारी करते आ रहे हैं। बीते दिनों नेपाल सरकार के नये नियम ने सीमावर्ती क्षेत्र नेपाल के लोगों पर एकाएक ब्रेक लगा दिया है। वहीं भारतीय बाजार भी इस नियम से प्रभावित होने की संभावना है। मधुबनी जिले के जयनगर, लदनियां, बासोपट्टी, हरलाखी एवं साहरघाट मधवापुर समेत अन्य सीमावर्ती बाजारों से नेपाली लोग खरीदारी करते हैं।



