
लेबनान पहुंचे संयुक्त राष्ट्र महासचिव, बोले- “लड़ाई और बमबारी रोकें, सैन्य समाधान संभव नहीं”
बेरूत- 14 मार्च। पश्चिम एशिया में बढ़ती हिंसा और मानवीय संकट के बीच एंटोनियो गुटेरेस लेबनान की राजधानी बेरूत पहुंचे हैं, जहां उन्होंने संघर्षरत पक्षों से तुरंत लड़ाई और बमबारी रोकने की अपील की। उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं है और स्थिति को संभालने के लिए कूटनीति और संवाद ही एकमात्र रास्ता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए गुटेरेस ने कहा कि लेबनान इस समय गंभीर मानवीय संकट से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद है कि जब देश में मुसलमान रमजान का पवित्र महीना मना रहे हैं और ईसाई समुदाय लेंट का पालन कर रहा है, उसी समय हिंसा और हमलों ने इस शांति के समय को भी प्रभावित कर दिया है।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि पिछले दो हफ्तों में क्षेत्र में भारी तबाही देखी गई है। उनके अनुसार हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजराइल और कब्जे वाले सीरियाई गोलान क्षेत्र की ओर रॉकेट और ड्रोन हमले किए, जिसके बाद इजराइल की ओर से भी तीव्र हवाई हमले किए गए और कई इलाकों को खाली करने के आदेश जारी किए गए।
गुटेरेस ने कहा कि इन घटनाओं के कारण बड़ी संख्या में इजराइली नागरिकों को बंकरों और सुरक्षित ठिकानों में शरण लेनी पड़ी है, जबकि लेबनान में सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि लाखों नागरिक अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं और हजारों लोग केवल उतना ही सामान लेकर भाग रहे हैं जितना वे अपने साथ उठा सकते हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि उन्होंने दिन में एक शरणस्थल का दौरा किया, जहां विस्थापित लोगों की पीड़ा देखकर वे बेहद दुखी हुए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर संघर्ष जल्द नहीं रुका तो दक्षिणी बेरूत पूरी तरह तबाह होने के खतरे का सामना कर सकता है।
गुटेरेस ने सभी पक्षों से संयम बरतने और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के पूर्ण पालन की अपील करते हुए कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए तत्काल संवाद और कूटनीतिक प्रयास बेहद जरूरी हैं। उन्होंने दोहराया कि हिंसा का दायरा बढ़ने से पूरे क्षेत्र में मानवीय संकट और गहरा सकता है।



