
BJP ने बिहार में ‘महाराष्ट्र मॉडल’ लागू कर JDU को खत्म करने में सफल: राम कुमार यादव
मधुबनी- 05 मार्च। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा जाने का रास्ता तय होने के साथ अब जदयू के विभाजन को नकारा नहीं जा सकता है। बिहार में आने वाले समय में सीएम बदलने के साथ ही जदयू के वरीय नेताओं का एक दल को भाजपा में शामिल हो सकते है। जबकि जदयू का दूसरा खेमा गैर भाजपा दलों की ओर मुखातिब हो सकते हैं। राज्यसभा के लिए नामांकन से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा करते हुए राजद जिला उपाध्यक्ष राम कुमार यादव ने कहा कि जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री ही नहीं होंगे तो जदयू नेताओ को अपनी राजनीति चमकाने में भारी कठिनाई होगी। बहरहाल जदयू का मिट्टी प्लीद होने में अब बहुत ज्यादा समय लगने वाला नहीं है। अब तो जदयू के मंत्रियों को भी अपनी कुर्सी बचाने के लिए भाजपा नेताओं के शरण में जाना होगा। सिर्फ कुर्सी की राजनीति करने वाले भाजपा की चाल-चलन और चेहरा और स्पष्ट हो गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने बिहार में ‘महाराष्ट्र मॉडल’ लागू कर जेडीयू को खत्म करने में सफल हो गए है। सीएम नीतीश कुमार को राजनीतिक प्रताड़ित किया जा रहा है। भाजपा भस्मासुर की तरह अपने ही सहयोगियों को भष्म करने की राजनीति करती है।



