विश्व

अमेरिका-इजराइल के हमले के बाद ईरान का बड़ा पलटवार, वैश्विक नेताओं ने जताई चिंता

तेहरान/वॉशिंगटन/लंदन- 28 फरवरी। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद मध्य पूर्व में संघर्ष तेजी से फैलता दिख रहा है। इजराइल ने दावा किया कि उसके हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता, राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों के प्रमुख से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका कई दिनों तक हमले जारी रखने की योजना बना रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सैन्य अभियान को “व्यापक और जारी” बताते हुए चेतावनी दी कि इसमें अमेरिकी जानें भी जा सकती हैं। उन्होंने ईरान की जनता से अपनी सरकार के खिलाफ खड़े होने का आह्वान भी किया।

ईरान का जवाबी हमला, खाड़ी देशों में धमाके

ईरान ने अभूतपूर्व जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल और मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कतर में धमाकों की खबरें सामने आईं। दुबई में एहतियातन सभी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गईं।

कतर के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने ईरान की ओर से दागी गई तीसरी मिसाइल लहर को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। बहरीन के गृह मंत्रालय ने राजधानी मनामा के दक्षिण-पूर्व स्थित जुफैर इलाके से लोगों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की, जहां अमेरिकी नौसैनिक अड्डा स्थित है।

ईरान में स्कूल पर हमला, 40 की मौत

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, दक्षिणी होर्मोज़गान प्रांत के मिनाब शहर में एक लड़कियों के प्राथमिक विद्यालय पर इजराइली हमले में कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई और 45 अन्य घायल हो गए। हताहतों के संबंध में विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

ब्रिटेन, फ्रांस और यूरोप की प्रतिक्रिया

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने आपातकालीन ‘कोबरा’ समिति की बैठक बुलाई। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती और क्षेत्र में ब्रिटिश नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस ने संयुक्त बयान में ईरान से अंधाधुंध सैन्य हमले रोकने की अपील की, हालांकि उन्होंने अमेरिका और इजराइल की कार्रवाई पर सीधे टिप्पणी नहीं की।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की और कहा कि बढ़ता टकराव “सभी के लिए खतरनाक” है। वहीं, यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सला वॉन डेर लेयेन ने घटनाक्रम को “गंभीर रूप से चिंताजनक” बताया और परमाणु सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

रूस और संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया

रूस के विदेश मंत्री सरगेई लावरोव ने ईरान पर हमलों की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क ने सभी पक्षों से बमबारी रोककर वार्ता की मेज पर लौटने की अपील की।

रमजान के महीने में हमला दुखदाई

सिंगापुर के कार्यवाहक मुस्लिम मामलों के मंत्री फैशाल इब्राहिम ने कहा कि ईरान और लेबनान पर हुए हमले चिंता का विषय हैं, और “कूटनीति की विफलता” मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा रही है और नागरिकों के जीवन को प्रभावित कर रही है।

उन्होंने 28 फरवरी को कहा, “रमजान के पवित्र महीने के दौरान इन हमलों का होना कई लोगों के दर्द को और गहरा कर देता है।” उन्होंने आगे कहा कि सिंगापुर घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहा है और संघर्ष को कम करने के प्रयासों का समर्थन कर रहा है।

जनता उखाड़ फेंके आतंकवादी शासन को : जेलेंस्की

यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने ईरान के खिलाफ निर्णायक अमेरिकी कार्रवाई का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि “अमेरिकी संकल्प” “वैश्विक अपराधियों” को कमजोर करता है, लेकिन उन्होंने व्यापक युद्ध के खिलाफ चेतावनी भी दी।

उन्होंने रूस के सहयोगी ईरान को हजारों शाहेद ड्रोन की आपूर्ति से जोड़ा, जिनमें से कथित तौर पर 57,000 का इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ किया गया था।

जेलेंस्की ने ईरानी जनता से अपने “आतंकवादी शासन” को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया और उनका मानना था कि यह समझ रूसियों तक भी पहुंचनी चाहिए।

‘आक्रमणकारियों को सबक सिखाएंगे’: ईरान

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उनका देश “आक्रमणकारियों को उचित सबक सिखाएगा।” उन्होंने अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई को “अवैध और उकसावे वाली” बताया।

इस बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ‘ऑपरेशन लायन्स रोर’ नामक अभियान की पुष्टि करते हुए कहा कि यह ईरान से उत्पन्न “अस्तित्व के खतरे” को खत्म करने के लिए जरूरी था।

क्षेत्रीय शांति पर मंडराता खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकते हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार, कूटनीतिक संतुलन और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। कई देश संयम और संवाद की अपील कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हालात तेजी से बदल रहे हैं।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Follow on X-twitter Follow
Follow on Pinterest Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button