
MADHUBANI: पर्यावरण संरक्षण की दीवानी मधुबनी की गीता की छत पर बागवानी, हरी-सब्जियां और फल-फूल की होती उपज
मधुबनी- 25 फरवरी। बचपन से ही पौधों से लगाव रखने वाली शहर की गीता पूर्वे ने अपने ससुराल में अपनी छत पर ही बागवानी की मिसाल कायम कर दी। मधुबनी शहर के सुभाष चौक निवासी रविशंकर पूर्वे की पत्नी गीता पूर्वे शुरुआत में ससुराल में बागवानी के लिए जगह की कमी को देखते हुए गीता ने छत पर बागवानी शुरू कर पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दें रही है।अपनी दिनचर्या में व्यस्त रहते हुए भी गीता पूर्वे घर की छत पर छोटे-बड़े गमलों, लकड़ी बक्सा, बांस की टोकरी व अन्य वस्तुओं में करीब दो दशक से गाजर,शिमला मिर्च, बैंगन, टमाटर, नीबू, आम, अमरूद, हरजोर सहित अन्य आयुर्वेदिक पौधे के अलावा गुलाब,गेंदा के अलावा विभिन्न करीब 500 तरह की फल, फूल और सब्जियां उगा रही है।

शुरुआत में यह काम चुनौतीपूर्ण था, बाद में यह उनके दिनचर्या में शामिल हो गई। उन्होंने बागवानी पुस्तकें, इंटरनेट पर बागवानी की जानकारी को अपनाकर छत पर बागवानी में सफलता हासिल की। गीता छत पर हरियाली को बढ़ाने के लिए अधिक स्थानों का उपयोग करना शुरू किया। गीता छत पर बागवानी क्षमता बढ़ाने के साथ मिट्टी की गुणवत्ता, पानी की आवश्यकता, वर्मी कंपोस्ट की मात्रा का खास ख्याल रखती है। गीता बागवानी.में ऑर्गेनिक और रिसायकल्ड सामग्री का इस्तेमाल कर छत पर बागवानी के लिए अन्य लोगों को भी प्रेरित कर रही है। गीता ने बताया कि छत पर बागवानी से ताजे फल, सब्जियां मिलती हैं, बल्कि यह आर्थिक रूप से भी लाभकारी है। छत पर बागवानी आत्मनिर्भर का जरिया बनाया जा सकता है। गीता ने बताया कि अपनी फिजूल खर्च को बचाकर बागवानी पर खर्च करती हैं। गीता ने बताया कि छत पर बागवानी में उनके पति रविशंकर पूर्वे द्वारा काफी सहयोग मिलता रहा है। बागवानी से अधिक मात्रा में उपजने वाले कद्दू, नींबू, बैगन सहित अन्य सब्जियां पड़ोसियों में निशुल्क वितरण करती हूं। जैविक तरीके से उपजाई गई सब्जियां स्वास्थ्य के लिए उपयोगी होता है। वहीं, सालों भर फूलों की बड़ी मात्रा में फूलों को होने से नवरात्र सहित अन्य पर्व-त्योहार पर लोगों के बीच वितरण करती हैं। गीता ने बताया कि शहर के सभी लोगों को अपने घरों में जगह की कमी होने के बाद भी छत पर बागवानी करना चाहिए। साथ ही शहर के सार्वजनिक स्थलों पर हरियाली बहाल रखने के लिए पौधारोपण करना चाहिए। गीता के पति रविशंकर पूर्वे ने कहा कि गीता द्वारा शहर में पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण अभियान को प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है।



