बिहार

राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ने 45 महिलाओं की सुनी समस्याऐं, अधिकारियों को दी दिशा-निर्देश

मधुबनी- 25 फरवरी। महिला सशक्तिकरण की दिशा में बुधवार को सशक्त पहल हुई।*डीआरडीए सभाकक्ष में आयोग आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत महिला जनसुनवाई के दौरान राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य, श्रीमती ममता कुमारी ने लगभग 45 परिवादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जनसुनवाई में रहिका थाना क्षेत्र के मलंगिया निवासी ने सास, ससुर एवं देवर द्वारा घरेलू हिंसा, शारीरिक प्रताड़ना, जायदाद में हिस्सा नही देने एवं ससुराल से जबरदस्ती मायके भगा देने की शिकायत की। जिसके पश्चात सदस्य, राष्ट्रीय आयोग के द्वारा संबंधित पदाधिकारी को कारवाई हेतु आवश्यक निदेश दिया। इसके साथ ही अन्य परिवादियों के द्वारा भी बारी-बारी सेअपनी-अपनी शिकायत आयोग की सदस्य के समक्ष रखी गई। जिस पर सुनवाई कर आवश्यक निदेश दिया गया।

*इस अवसर पर राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य, ममता कुमारी ने कहा कि महिलाओं को न्याय दिलाना और उनकी आवाज को मजबूत करना आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जनसुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, संपत्ति विवाद, कार्यस्थल पर उत्पीड़न तथा पारिवारिक विवाद से जुड़े अनेक मामलों की सुनवाई की गई। पीड़ित महिलाओं ने खुलकर अपनी समस्याएं साझा कीं, जिस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि जनसुनवाई के माध्यम से महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, जिससे वे बिना डर के अपनी बात रख सकें।

*इस दौरान कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि कुछ जटिल मामलों को संबंधित विभागों को अग्रसारित कर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आयोग की सदस्य ने पीड़ित महिलाओं को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया और कहा कि जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

*तत्पश्चात राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य के द्वारा जिला स्तरीय विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ महिलाओं से जुड़ी समस्याओं पर विचार विमर्श किया।* *जिसमें उनके द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय महिला आयोग के समक्ष प्रतिदिन पूरे देश से लगभग 150-200 आवेदन प्राप्त होता है। जिसका आयोग के स्तर से निष्पादन किया जाता है। मधुबनी में जन सुनवाई में लगभग 45 परिवादों पर सुनवाई की गई है। जिसमें कई आवेदनों का निष्पादन कर दिया गया है। जबकि कई परिवादों पर संबंधित पदाधिकारियों को एक सप्ताह का समय दिया गया है।

*उन्होंने कहा कि उनके द्वारा मधुबनी मंडल कारा का भी निरीक्षण किया गया है। जिसमे कई महिला कैदी निरक्षर पायी गयी, उनको शिक्षित कराने हेतु संबंधित पदाधिकारी को निदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग चाहती है कि पुलिस-प्रशासन जिम्मेदारी के साथ काम करें। महिलाओं को आगे बढ़ने में आ रही बाधाओं को दूर करें। सभी पदाधिकारी प्राप्त परिवाद का सही जांच प्रतिवेदन तैयार करें। ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सकें। आयोग का मकसद महिलाओं को ससमय न्याय दिलाना है। आयोग द्वारा महिलाओं को जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे है।* *महिला पंचायत प्रतिनिधियों को जागरूक करने के लिए आयोग द्वारा ‘पंचायत से पार्लियामेंट तक’ कार्यक्रम के तहत भ्रमण कराकर जागरूक कराया जाता है, ताकि वे अपने कर्तव्यों और अधिकारों को जानकर उचित निर्णय ले सकें।

उन्होंने कहा कि आगामी 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर देश के 400 से 450 जिलों में 09 मार्च से 13 मार्च 2026 तक जनसुनवाई कर सभी प्राप्त शिकायतों को खत्म करने का प्रयास किया जायेगा। तत्पश्चात राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य, ममता कुमारी के द्वारा प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा गया कि मधुबनी की महिलाएं काफी जागरूक है। वे अपनी समस्याओं को आयोग के समक्ष खुलकर रख रही है। आयोग भी महिलाओं को आगे बढ़ाने में हरसंभव सहयोग प्रदान कर रहा है।

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