
MADHUBANI:- हीटवेव की संभावना को देखते हुए DM ने अधिकारियों के साथ की बैठक, कहा- लगातार भूजलस्तर पर नजर बनाऐ रखें और आंगनबाड़ी केंद्रों पर ओआरएस घोल का पैकेट अनिवार्य रूप से रखने का निर्देश के साथ सभी नगर निकायों को महत्वपूर्ण स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था का निर्देश
मधुबनी- 25 अप्रैल। बढ़ती गर्मी एवं तेज पछुआ हवा को देखते हुए आगजनी की घटनाओं एवं संभावित हीटवेव से बचाव को लेकर आपदा की बैठक में जिलाधिकारी अरविन्द कुमार वर्मा ने सभी सबंधित विभागों से तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सतर्कता,जानकारी एवं जागरूकता के द्वारा ही हम अगलगी की घटनाओं पर नियंत्रण एवं हीट वेव से बचाव कर सकते है। जिलाधिकारी ने कहा कि अगलगी की घटनाओं एवं हीट वेव से सुरक्षा हेतु लोगो को पूरी सावधानी बरतने एवं निर्धारित मापदंडों का पालन करवाने के लिए पंचायती राज विभाग,आईसीडीएस,शिक्षा,स्वास्थय जनसंपर्क सहित सभी संबधित विभाग व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए। उन्होंने सभी नगर निकायों को निर्देश दिया कि अविलम्ब सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर पेयजल हेतु प्याऊ की व्यवस्था करें। उन्होंने सभी शिक्षण संस्थाओ एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर ओआरएस घोल का पैकेट अनिवार्य रूप से रखने का निर्देश दिया। भीषण गर्मी पड़ने पर मनरेगा मजदूरों के काम करने के समय मे भी परिवर्तन करने का निर्देश दिया। उन्होंने सिविल सर्जन को सभी सरकारी अस्पतालों में सभी आवश्यक दवाओं सहित हीट वेव प्रभावित मरीजों के इलाज की पूरी व्यवस्था करने का निर्देश दिया। सभी बंद पड़े चापाकलों की अविलम्ब मरम्मती के निर्देश भी दिया। उन्होंने कहा कि लगातार भूजलस्तर पर नजर रखें। तथा आवश्यकता पड़ने पर टैंकलॉरी से भी पेयजल की आपूर्ति के लिए अभी से ही व्यवस्था करने का निर्देश दिया। पशुओं के लिए पानी की कमी नही हो, इसको लेकर भी जिला पशुपालन पदाधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने अग्नि सुरक्षा को लेकर भी कई आवश्यक निर्देश दिए। गौरतलब हो कि गर्म हवा एवम लू का काफी प्रतिकूल प्रभाव हमारे शरीर पर भी पड़ता है, जो कभी-कभी घातक भी साबित हो सकता है। इस संबंध में थोड़ी से सावधानी एवम दिशा निर्देशो का पालन कर लूध्गर्म हवाओं के बुरे प्रभाव’ ’से बचा जा सकता है। इसको लेकर सभी सबंधित विभागों यथा नगर निकायों, स्वास्थ्य,पीएचईडी, शिक्षा, आईसीडीएस,जनसंपर्क आदि को संभावित हीट वेव को लेकर सभी प्रकार की तैयारियां कर रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। चापाकलों की मरम्मती के लिए प्रखंडवार मरम्मती दलों को रवाना कर दिया गया है। साथ ही प्रखंडवार दूरभाष नंबर जारी कर दिए गए है। भूजलस्तर पर नियमित रूप से नजर रखी जा रही है। सभी पीएचसी में इलाज की व्यवस्था की गई है। नगर निकायों को प्याऊ की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों एवं शिक्षण संस्थानों में ओआरएस घोल रखने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी ने विधुत विभाग के अभियंताओं को निर्देश दिया कि विधुत आपूर्ति को नियमित रूप से सुचारू रखे ताकि इस भीषण गर्मी में उन्हें राहत मिल सके। विधुत कॉल सेंटर के निम्न मोबाइल नंबर पर विधुत समस्या के लिए संपर्क किया जा सकता है। मधुबनी डिवीजन विद्युत कॉल सेंटर 9264456414, जयनगर डिवीजन विद्युत कॉल सेंटर 9264190783 एवं झंझारपुर डिवीजन विद्युत कॉल सेंटर 9264456415 पर सम्पर्क करें। बैठक एडीएम आपदा संतोष कुमार, डीपीआरओ परिमल कुमार,जिला पशुपालन पदाधिकारी, डीपीओ आईसीडीएस सहित सभी विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।



