
निकाय चुनाव में अति पिछड़ों का आरक्षण समाप्त करने की साजिश रच रही भाजपा: जदयू
पटना- 04 दिसंबर। जदयू सांसद चंद्रेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी ने रविवार को जदयू कार्यालय में कहा कि नगर निकाय चुनाव की तिथि घोषित होने के बाद भाजपा के नेता इस पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। वास्तविकता यह है कि भाजपा अति पिछड़ों को मिलने वाला आरक्षण समाप्त करने का षडयंत्र रच रही है।
उन्होंने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पटना उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अति पिछड़ा वर्ग आयोग ने अध्ययन कर रिपोर्ट सौंपी, जिसे उच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले पिछड़ा वर्ग आयोग ने समीक्षा कर इसपर अपना सुविचारित मंतव्य दिया था। इसके बाद चुनाव तिथि की घोषणा हुई। भाजपा का चेहरा इस तथ्य से भी उजागर होता है कि मई में मध्यप्रदेश में हुए नगर निकाय के चुनाव में मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग की अनुशंसा को सर्वोच्च न्यायालय ने स्वीकार कर चुनाव की अनुमति दी थी।
चंद्रवंशी ने कहा कि मध्यप्रदेश भाजपा शासित राज्य है। इसलिए वहां पिछड़ा वर्ग आयोग, जिसके तीन सदस्य भाजपा के विधायक हैं, की अनुशंसा स्वीकार और बिहार में अति पिछड़ा आयोग एवं पिछड़ा वर्ग आयोग (जिसके अध्यक्ष उच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीश हैं) की अनुशंसा के बाद चुनाव की घोषणा पर प्रश्न खड़ा करना भाजपा के आरक्षण विरोधी चेहरे को उजागर करती है।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेता यह प्रश्न भी खड़ा कर रहे हैं कि पुनः नामांकन की प्रक्रिया होनी चाहिये, जबकि सत्य यह है कि नामांकन की प्रक्रिया समाप्त होने के पश्चात चुनाव स्थगित हुआ था। सिर्फ मतदान होना शेष था जो अब घोषित नई तिथि के अनुसार होगी। जब चुनाव स्थगित हुआ था तो यही भाजपा नेता वक्तव्य दे रहे थे कि नामांकन कराने में उम्मीदवारों का बहुत खर्च हो गया है और अब जब सिर्फ मतदान की तिथि घोषित हुई है तो अब नामांकन की बात उठा रहे हैं।



