
मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से दूसरी मौत
पटना- 13 अप्रैल। बिहार में मुजफ्फरपुर प्रमंडल के वैशाली जिला निवासी कुंदन कुमार (5) की बुधवार को श्रीकृष्ण जुबली मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमंसीएच) में चमकी बुखार से मौत हो गई। चमकी बुखार से इस वर्ष अबतक यह दूसरी मौत है।
एसकेएमसीएच द्वारा आज जारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 12 बच्चे मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुए हैं। इनमें से 10 बच्चे ठीक हो कर घर जा चुके हैं। दो बच्चों की मौत हुई है और अब भी पांच संदिग्ध लक्षण वाले बच्चे भर्ती हैं।
12 साल में इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं 20 हजार बच्चे
एईएस या चमकी बुखार की बीमारी बीते कुछ सालों से बिहार में बच्चों पर कहर बनकर टूट रही है। गर्मी बढ़ने के साथ इसका खतरा बढ़ जाता है। बीते 12 साल के दौरान बिहार में 20 हजार से अधिक बच्चे इसकी चपेट में आ चुके हैं। बीमारी के केंद्र मुजफ्फरपुर जिले में ही बीते 12 सालों के दौरान करीब 500 मौतें हुईं हैं। साल 2019 में 111 बच्चों की मौत से तो पूरे देश में हड़कम्प मच गया था।
क्या हैं एईएस के लक्षण क्या है
-पहले काफी तेज बुखार होता है। बुखार के साथ शरीर में ऐंठन व अकड़न होती है।
-इसके बाद शरीर के तंत्रिका तंत्र की कार्यप्रणाली गड़बड़ाने लगती है।
-तंत्रिका तंत्र के प्रभावित होने के कारण मानसिक भटकाव होने लगता है। बच्चों में झटका लगता है या वे बेहोश होने लगते हैं। बच्चों को दौरे पड़ने लगते हैं।
-सांस फूलती है और घबराहट महसूस होती है।
-कुछ बच्चे कोमा में भी चले जाते हैं।
बिहार में हाई अलर्ट पर है स्वास्थ्य विभाग
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने इस बाबत बातचीत में बताया कि स्वास्थ्य विभाग चमकी बुखार के इलाज व इससे बचाव को लेकर अलर्ट है। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य के 14 जिले इस बीमारी से विशेष रूप से प्रभावित होते रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित जिलों का दौरा कर रही हैं।



