
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दरभंगा में चला दहेज विरोधी जागरूकता अभियान, स्कूलों में हुए कार्यक्रम
दरभंगा, 06 नवंबर। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य बनाम अजमल बेग व अन्य के मामले में पारित आदेश के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार दरभंगा की ओर से जागरूकता अभियान चलाया गया।
न्यायालय परिसर स्थित एडीआर भवन में पारा विधिक स्वयंसेवकों के लिए आयोजित एक दिवसीय विधिक जागरूकता सह संवेदीकरण कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी ने कहा कि दहेज प्रथा एक ऐसी सामाजिक बुराई है जो अनेकों सामाजिक बुराइयों एवं अपराधों की जननी है।
महिलाओं के प्रति होने वाली घरेलू हिंसा, क्रूरता इसका जीता-जागता उदाहरण है। दहेज मृत्यु इसका वृहद रूप है। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा को समाप्त करने के लिए दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 लागू है, परंतु सामाजिक चेतना एवं जन जागरूकता के बिना इस सामाजिक कलंक का अंत संभव नहीं है।
उन्होंने सभी से दहेज प्रथा का विरोध करने एवं लोगों को इसके प्रति जागरूक करने की अपील की। दूसरी ओर विधिक सेवा प्राधिकार के मार्गदर्शन एवं निगरानी समिति की बैठक करते हुए सचिव आरती कुमारी ने विधिक सेवा संबंधी कार्यों की समीक्षा की एवं जरूरी दिशा-निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप दहेज प्रथा को लेकर डेफोडिल्स स्कूल एवं रोज पब्लिक स्कूल में चीफ लीगल ऐड डिफेंस सदस्य प्रकाश स्वरूप सिन्हा,आदर्श मध्य विद्यालय में अंकुर प्रिया एवं उपकारा बेनीपुर में पैनल अधिवक्ता अमोल कुमार झा ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।



