
बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड और केंद्रीय भंडारण निगम के बीच ऐतिहासिक एमओयू, छह संस्कृत विद्यालयों में स्थापित होंगी अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब
नई दिल्ली, 04 नवंबर। बिहार में संस्कृत शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने तथा संस्कृत विद्यालयों के शैक्षणिक एवं आधारभूत ढाँचे को सुदृढ़ करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल की गई। बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड और भारत सरकार के उपक्रम केंद्रीय भंडारण निगम (Central Warehousing Corporation-CWC) के बीच नई दिल्ली स्थित केंद्रीय भंडारण निगम के कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते पर बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा तथा केंद्रीय भंडारण निगम के मानव संसाधन विभाग के महाप्रबंधक (General Manager) श्री प्रकाश चंद्र राय ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर निगम के CSR से संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।
इस समझौते के तहत बिहार के छह चयनित संस्कृत विद्यालयों में कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के माध्यम से अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब स्थापित की जाएंगी। इन लैबों में आधुनिक कंप्यूटर एवं आवश्यक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे संस्कृत विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर शिक्षा, डिजिटल तकनीक और आधुनिक ज्ञान-विज्ञान से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा ने कहा कि संस्कृत केवल हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का आधार ही नहीं, बल्कि आधुनिक समय की आवश्यकताओं के अनुरूप इसे तकनीकी शिक्षा से जोड़ना भी हमारी प्राथमिकता है। हमारा संकल्प है कि संस्कृत विद्यालयों के विद्यार्थी भी आधुनिक शिक्षा, कंप्यूटर तकनीक और डिजिटल दुनिया में समान रूप से आगे बढ़ें।
उन्होंने कहा कि बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड द्वारा राज्य में 50 मॉडल संस्कृत विद्यालय विकसित करने की परिकल्पना की गई है। इस दिशा में CSR के माध्यम से छह विद्यालयों में अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब की स्थापना पहला महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में इस अभियान को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा तथा विभिन्न सरकारी संस्थानों, केंद्रीय उपक्रमों एवं कॉर्पोरेट संस्थाओं के सहयोग से संस्कृत विद्यालयों के शैक्षणिक वातावरण को आधुनिक बनाया जाएगा।
श्री झा ने केंद्रीय भंडारण निगम के महाप्रबंधक प्रकाश चंद्र राय एवं उनकी पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि निगम द्वारा संस्कृत शिक्षा और ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखकर किया गया यह सहयोग अत्यंत सराहनीय है।
बैठक में कंप्यूटर लैब की स्थापना, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, क्रियान्वयन की प्रक्रिया एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन कंप्यूटर लैबों का विधिवत एवं भव्य उद्घाटन किया जाएगा।
बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के इतिहास में यह अपनी तरह की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से पारंपरिक संस्कृत शिक्षा को आधुनिक तकनीकी संसाधनों से जोड़ने की ठोस शुरुआत हुई है।
यह पहल न केवल संस्कृत विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगी, बल्कि बिहार में संस्कृत शिक्षा के आधुनिकीकरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मॉडल विद्यालयों की स्थापना के संकल्प को भी नई गति प्रदान करेगी।



