
मधुबनी पुलिस के दागी ASI चंद्रमोहन सिंह पर फिर सवाल, क्या आदतन अपराधी को बचा रही थी पुलिस?
मधुबनी – 04 नवंबर। जिले में पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। बाबूबरही की घटना के बाद मधवापुर का पुराना मामला फिर उजागर हो रहा है।
सूत्रों के अनुसार आरोपी ASI चंद्रमोहन सिंह कुछ माह पूर्व मधवापुर में डायल 112 पर तैनात था। उस दौरान उसकी लापरवाही से एक मौत मामले में SSP ने ASI चंद्रमोहन सिंह को निलंबित किया था, लेकिन निलंबन के कुछ ही दिन बाद उसे फिर से बहाल कर बाबूबरही थाना में तैनात कर दिया गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जुलाई 2025 में मधवापुर थाना क्षेत्र में डायल 112 के पुलिस वाहन से ASI चंद्रमोहन सिंह ने बाइक में टक्कर मार दी थी। इस दर्दनाक घटना में एक युवक की मौत हो गई। उस समय इलाका उग्र हो गया था, लोग आक्रोशित थे।
तीन नवंबर को बलिराजगढ़ गांव में फिर चार लोगों पर गोली चलने की घटना हुई है, जिसमें से एक की मौत हो गई है।आरोपी फिर वही ASI चंद्रमोहन सिंह।
सवाल उठ रहे हैं कि अगर जुलाई 2025 की घटना में ही समय रहते निष्पक्ष जांच हुई होती, दोषी पर कार्रवाई हुई होती, तो क्या आज बलिराजगढ़ की घटना टल नहीं जाती?
स्थानीय लोगों की मांग है कि जुलाई 2025 के मधवापुर हादसे की दोबारा उच्चस्तरीय जांच हो।
बलिराजगढ़ गोलीकांड में तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई हो।पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द मुआवजा और सरकारी नौकरी मिले। ऐसे दागी पुलिसकर्मियों को संरक्षण देना बंद किया जाए। वर्दी जनता की सुरक्षा के लिए है, जान लेने के लिए नहीं।



