
CM भगवंत मान ने गृहमंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे पर उठाए सवाल
चंडीगढ़- 20 अक्टूबर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गृहमंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे पर सवाल उठाए हैं। मंगलवार को गृहमंत्री अमित शाह के दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक वीडियो जारी करके कहा कि पंजाब में जब वर्ष 2007 से 2017 तक अकाली दल व भाजपा गठबंधन की सरकार थी, तबसे नशे का कारोबार पूरी तरह से पनपा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार आने के बाद नशा तस्करों के विरूद्ध कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
भगवंत मान ने कहा कि अकाली नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया के विरूद्ध बार-बार जांच की मांग उठी, लेकिन केंद्र सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। तस्करों ने कई मंत्रियों के नाम लिए, तब भी केंद्र सरकार ने कार्रवाई नहीं की। भगवंत मान ने किसान आंदोलन के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि दिल्ली की सीमा पर करीब डेढ़ साल तक किसान आंदोलन चलता रहा और 700 किसान मारे गए, जिनमें अधिकतर पंजाब के थे। अमित शाह को चाहिए कि वह आज आंदोलन में मारे गए किसानों के परिजनों से भी मिलें।
भगवंत मान ने इसे भाजपा का चुनावी स्टंट करार देते हुए कहा कि आज हरियाणा गैंगस्टरों की नर्सरी बन चुका है। गुजरात व राजस्थान नशा कारोबार का मुख्य अड्डा बन चुके हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार चुप है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब में 532 किलोमीटर का क्षेत्र पाकिस्तान की सीमा से सटा हुआ है। वह कई बार गृहमंत्री से मुलाकात करके एंटी ड्रोन सिस्टम लगाने की बात कर चुके हैं, लेकिन केंद्र चुप है। आज बीएसएफ के कब्जे वाले क्षेत्र के माध्यम से पंजाब में नशा आ रहा है। गृहमंत्री इस दिशा में भी जवाब दें।
भगवंत मान ने मुंबई में फिल्म अभिनेता टाइगर श्राफ के मुद्दे पर गृहमंत्री को घेरते हुए कहा कि टाइगर श्राफ के हमलावर राजस्थान व हरियाणा से जुड़े हुए हैं। दोनों राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं। भगवंत मान ने कहा कि भाजपा को आज पंजाब में कोई भी मुंह नहीं लगा रहा है। यह केवल चुनावी स्टंट हैं। पंजाब सरकार परविंदर सिंह झोटा के परिजनों के साथ खड़ी है। पंजाब सरकार सीबीआई जांच की सिफारिश कर चुकी है। इस मामले में अगली कार्रवाई सीबीआई करेगी।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब को बचाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से सक्षम है। केंद्र सरकार एनडीपीएस एक्ट में संशोधन करके कठोर सजा का प्रावधान करे। यह गृहमंत्री का काम है। लाशों पर राजनीति करना गृहमंत्री को शोभा नहीं देता है।



