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गृहमंत्री अमित शाह ने झोटा, गुलजार व विक्रमजीत के परिजनों से की मुलाकात, कहा- नशे के खिलाफ एकजुट हो पंजाब वासी, केंद्र सरकार देगी साथ

चंडीगढ़- 20 अक्टूबर। गृहमंत्री अमित शाह ने पंजाब वासियों को नशे के खिलाफ एकजुट होने की अपील करते हुए कहा है कि केंद्र इस लड़ाई में पंजाब वासियों के साथ खड़ी है और 31 दिसंबर, 2029 तक पंजाब से ड्रग तस्करों का सफाया करना ही मोदी सरकार का लक्ष्य है। आज पंजाब के गांव-गांव में नशा पहुंच चुका है, लेकिन सरकार इसे काबू करने में पूरी तरह से विफल साबित हुई है।

गृहमंत्री मंगलवार को पंजाब के गुरदासपुर में विक्रमजीत सिंह, संगरूर में गुलजार सिंह व मानसा में परविंदर सिंह झोटा के परिजनों से मिले। इन तीनों ने नशे के खिलाफ लड़ाई के कारण अपनी जान गंवाई थी। दिल्ली लौटने से पहले अमित शाह ने लुधियाना में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह आज नशा तस्करों के विरूद्ध लड़ते हुए मारे गए लोगों के परिजनों से मिलकर व्यथित हुए हैं। वर्ष 2022 में तीन माह के भीतर नशा खत्म करने का वादा करके सत्ता में आई आम आदमी पार्टी की सरकार के पास इसका कोई जवाब नहीं है। पंजाब सरकार केवल झूठे बहाने बना रही है।

उन्होंने कहा कि मंगलवार को पंजाब आने के बाद कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं था। इसके बावजूद मेरा नाम लेकर मुख्यमंत्री की तरफ से अपशब्द बोले गए। अमित शाह ने कहा कि पंजाब सरकार उन्हें जितना चाहे कोसे, लेकिन पंजाब से नशा तो खत्म करे। पंजाब में आज ड्रग तस्करों के विरूद्ध आवाज उठाने वालों को मौत दी जा रही है। तस्करों के विरूद्ध कार्रवाई करने वाली पुलिस के कर्मचारी व अधिकारी खुद नशा तस्करी में लिप्त पाए जा रहे हैं। पंजाब सरकार नशा तस्करों को संरक्षण दे रही है।

अमित शाह ने कहा कि भाजपा ने गुजरात बंदरगाह से 20 हजार करोड़ का ड्रग्स पकड़ा है। यह ड्रग्स पंजाब के घरों तक कैसे पहुंच रहा है। इसका जवाब पंजाब सरकार को देना चाहिए। पंजाब सरकार के पुलिस कर्मचारियों के घरों से कैसे नशा बरामद हो रहा है, इसके बारे में भी मुख्यमंत्री स्थिति स्पष्ट करें। अमित शाह ने कहा कि झोटा केस सीबीआई को सौंप दिया गया है, जिसकी जांच बुधवार से शुरू हो जाएगी। उन्होंने पंजाब सरकार से आह्वान किया कि वह विक्रमजीत सिंह व गुलजार सिंह के केस भी सीबीआई को सौंप दे। केंद्रीय एजेंसी जांच करके आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का काम करेगी।

अमित शाह ने पंजाब सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पिछले एक साल के भीतर देशभर में पिट एनडीपीएस के 929 केस दर्ज करके आरोपियों को पकड़ा गया है, लेकिन चार साल में पंजाब में एक भी केस दर्ज नहीं किया गया। गृहमंत्री ने कहा कि देशभर में नशे के विरूद्ध 48 बैठकें हुई हैं। गृहमंत्रालय के स्तर पर तीन बैठकें पिछले एक साल में हुई हैं, लेकिन पंजाब सरकार ने एक बैठक नहीं की है। पंजाब सरकार की गलत व्यवस्था के चलते सालों तक एफएसएल में चिट्टे की जांच नहीं हो पाती है, जिसका लाभ लेकर तस्करों को जमानत मिल जाती है। पंजाब के मुख्यमंत्री पंजाब की जनता को इन सवालों के जवाब भी दें।

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