
BIHAR:- पंचायत प्रतिनिधियों के मुद्दों पर विभाग ने दिया जवाब, बताई वर्तमान स्थिति
पटना- 15 अक्टूबर। पंचायती राज विभाग, बिहार ने त्रिस्तरीय पंचायत एवं ग्राम कचहरी प्रतिनिधि महासंघ द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। विभाग ने कहा है कि पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए निरंतर ठोस कार्य किए जा रहे हैं।
मुद्दावार विभाग का पक्ष इस प्रकार है —
16वें वित्त आयोग की राशि और बैंक खाता। वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देश पर पंचायतों की निधि प्रबंधन के लिए भारतीय स्टेट बैंक का चयन प्रक्रिया के तहत किया गया है। भारत सरकार के पत्र के अनुसार PFMS से लिंक किसी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक में ब्याज अर्जित करने वाला खाता खोलने का निर्देश है। पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन के लिए एक ही बैंक को प्राधिकृत किया गया है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में षष्ठम् राज्य वित्त आयोग के तहत 1,850 करोड़ की राशि विमुक्त की गई है। इसमें कार्यपालक सहायक, DEO, तकनीकी सहायक, लेखापाल का मानदेय, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का मासिक भत्ता, मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के अनुरक्षण, पंचायत सरकार भवन और मोक्षधाम, श्मशान घाट, मुक्तिधाम निर्माण शामिल है। शेष राशि की विमुक्ति प्रक्रियाधीन है।
16वें वित्त आयोग का 50% अनटाइड अनुदान संविधान की 11वीं अनुसूची के 29 विषयों के अंतर्गत संबंधित विभागों के परामर्श से क्रियान्वित किया जाना है। यह संकेतात्मक सूची है, सरकार की प्राथमिकताओं के आधार पर योजनाएं शामिल की गई हैं। 15.07.2026 की मंत्रिपरिषद बैठक में बिहार ग्राम पंचायत कर, दर एवं शुल्क नियमावली, 2026 को स्वीकृति दी गई है। अधिसूचना के लिए उच्चस्तरीय निर्णय प्रक्रियाधीन है।
अनियमितताओं की जांच के लिए पांच सदस्यीय जांच दल गठित किया गया था। जांच रिपोर्ट के बाद CAG कार्यालय, नई दिल्ली से वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के लिए विशेष अंकेक्षण का अनुरोध किया गया है। साथ ही जिलाधिकारी, पटना को दोषी पदाधिकारियों, कर्मियों पर कार्रवाई कर जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया गया है।
2026-27 में पंचायत सरकार भवन निर्माण के लिए 217.5 करोड़ और कन्या विवाह मंडप के लिए 2025-26 व 2026-27 में कुल 123.53 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। विभाग स्तर पर 150 करोड़ का आवंटन प्रक्रियाधीन है।
ग्राम कचहरी का सशक्तिकरण—
ग्राम कचहरियों को प्रशासनिक व्यय के लिए 4,000 प्रतिवर्ष दिया जाता है। निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के मासिक भत्ते का आवंटन सितंबर 2026 तक जिलों को दिया जा चुका है, जुलाई 2026 तक भुगतान भी हो चुका है। कचहरी के नोटिस तामिला चौकीदारों के माध्यम से कराने के लिए सभी डीएम को मुख्य सचिव स्तर से निर्देश दिया गया है।
अभियान के तहत कायाकल्प पोर्टल पर 28,573 योजनाएं अपलोड की गई हैं। इनमें नए आधारभूत संरचना और पुरानी संपत्तियों के upgradation / strengthening / repair से जुड़ी योजनाएं हैं। सभी DM और DPRO को क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए हैं। तकनीकी बाधा न हो, इसके लिए योजना पोर्टल को 20 अक्टूबर तक खोला गया है।



