
बिहार के सफाई कर्मियों के लिए बड़ी राहत, दैनिक पारिश्रमिक से लेकर बीमा-ग्रेच्युटी तक पर बनी सहमति, कमेटी गठित
पटना- 30 सितंबर। बिहार में नगर निकायों के सफाई कर्मियों की सामूहिक हड़ताल के बाद सरकार ने बड़ी पहल की है। नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा की अध्यक्षता में 06 अगस्त 2026 को हुई बैठक में सफाई कर्मियों की मांगों पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। यह बैठक बिहार लोकल बॉडिज इम्पलॉइज फेडरेशन, बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ संयुक्त मोर्चा और पटना नगर निगम संयुक्त कर्मचारी समन्वय समिति के प्रतिनिधियों के साथ हुई थी। बैठक में विभागीय प्रधान सचिव, सचिव, विशेष सचिव और पटना नगर आयुक्त भी मौजूद रहे।
बैठक में सर्वसम्मति से लिए गए 3 बड़े फैसले—
1. दैनिक सफाई कर्मियों को संविदा कर्मियों जैसी सुविधा मिलेगी:
राज्य सरकार ने सैद्धांतिक सहमति दी है कि दैनिक पारिश्रमिक सफाई कर्मियों को एकमुश्त मासिक मानदेय दिया जाएगा। महंगाई दर के अनुसार नियमित वृद्धि, 10 साल की सेवा के बाद मानदेय उत्क्रमण, उपार्जित अवकाश, हर साल 16 दिन का आकस्मिक अवकाश, महिला कर्मियों को हर महीने 2 दिन विशेष अवकाश और मातृत्व अवकाश, चिकित्सा बीमा, दुर्घटना बीमा, जीवन बीमा और सेवा पूर्ण होने पर उपादान (ग्रेच्युटी) का लाभ दिया जाएगा।
इसके लिए नगर विकास सचिव अनिमेष पराशर की अध्यक्षता में एक समिति का गठन होगा, जिसमें नगर आयुक्त, कार्यपालक पदाधिकारी और संयुक्त मोर्चा के नामित प्रतिनिधि होंगे। समिति एक महीने में रिपोर्ट देगी। साथ ही तय हुआ कि किसी भी दैनिक सफाई कर्मी को बिना ठोस कारण और विहित प्रक्रिया के हटाया नहीं जाएगा और ऐसे फैसले के खिलाफ अपील का प्रावधान होगा। सभी कर्मियों का सेवा इतिहास डिजिटाइज किया जाएगा।
2. आउटसोर्सिंग वाले कर्मियों की नौकरी सुरक्षित:
तय हुआ कि एजेंसी बदलने पर भी आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे सफाई कर्मियों को यथासंभव रखा जाएगा। उनके वेतन में अवैधानिक कटौती नहीं होगी, भुगतान सीधे उनके खाते में होगा, बोनस एक्ट के तहत बोनस मिलेगा और वाहन/मशीनरी खराब होने पर भी चालकों को पारिश्रमिक दिया जाएगा।
3. नियमित कर्मियों को ACP/MACP का लाभ बहाल:
नगर निकायों के नियमित कर्मियों को ACP/MACP का लाभ बहाल करने पर भी सहमति बनी। इससे संबंधित पुराना आदेश संशोधित किया जाएगा।



