
CEC की नियुक्ति प्रक्रिया पर RJD ने उठाए सवाल, ब्रह्मानंद यादव ने SIT जांच की मांग की
मधुबनी- 30 सितंबर। राजद नेता ब्रह्मानंद यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं और पूरे मामले की SIT जांच की मांग की है। श्री यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2 मार्च 2023 के अनूप बरनवाल फैसले में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और CJI की समिति बनाने का सुझाव दिया था। बाद में केंद्र सरकार 28 दिसंबर 2023 को नया अधिनियम लाई, जिसमें CJI की जगह प्रधानमंत्री द्वारा नामित मंत्री को शामिल किया गया। यह अधिनियम फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में चुनौती के अधीन है।
उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार 31 जनवरी 2024 को सहकारिता सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए और 14 मार्च 2024 को उन्हें चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले हुई थी। इसके बाद 17 फरवरी 2025 को उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया। इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने असहमति नोट दिया था, जिसका जिक्र संसदीय रिकॉर्ड में है।
श्री यादव ने कहा कि 2016 से 2021 के बीच गृह मंत्रालय में जम्मू-कश्मीर मामलों के प्रभारी के तौर पर ज्ञानेश कुमार की भूमिका रही है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका का हवाला देते हुए दावा किया कि SIR और मतदाता सूची से जुड़े कुछ फैसलों पर मतभेद की बात सामने आई है। राजद नेता ने मांग की है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिकाओं पर फैसला नहीं आता, तब तक इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच हो।
इधर, केंद्र सरकार और चुनाव आयोग का पक्ष है कि सभी नियुक्तियां संसद द्वारा पारित कानून के अनुसार और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत की गई हैं।



