
बिहार में वैश्य समाज की 25 फीसद आबादी, समाज की एकता सबसे बड़ी ताकत: समीर कुमार महासेठ
मधुबनी- 19 मई। पूर्व उद्योग मंत्री सह पूर्व विधायक एवं वैश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर कुमार महासेठ ने कहा कि बिहार में 25 फीसद जनसंख्या वैश्य समाज की है। लेकिन आबादी के अनुपात में राजनीति क्षेत्र में भागीदारी नाम मात्र की है। वैश्य समाज चालिस उप जाति मे बटा है। आबादी के अनुपात मे वैश्य समाज को लोकसभा, विधानसभा चुनाव में समुचित हिस्सेदारी नहीं मिल सका है। वैश्य समाज की एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत होगी। उन्होंने कहा कि बिहार के सभी जिलों मे वैश्य समाज का मजबूत संगठन है। बिहार के निर्माण और विकास में वैश्य समाज का योगदान महत्वपूर्ण है। प्राचीन काल से लेकर आधुनिक युग तक वैश्य समाज ने राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ के रूप में काम किया है। सामाजिक समरसता, शिक्षा और आर्थिक एवं व्यापारिक विकास के लिए वैश्य समाज ने छोटे-मध्यम उद्योग, व्यापार के माध्यम से बिहार में रोजगार को बढाया हैं।
वैश्यों ने व्यापार मार्गों का निर्माण कर बिहार को आर्थिक संपन्नता दिलाई। समाज के विभिन्न वर्गों को आपस में जोड़कर रखने और जरूरतमंदों की सहायता करने में वैश्य समाज हमेशा से अग्रणी रहा है। इस समाज ने बिहार के कोने-कोने में शैक्षणिक संस्थानों, पुस्तकालयों, और धर्मशालाओं की स्थापना में भारी दान देकर समाज कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अपनी 25 प्रतिशत आबादी की हिस्सेदारी के साथ वैश्य समाज राज्य के चुनावी और राजनीतिक परिदृश्य को एक नई दिशा प्रदान करता है। वर्तमान में वैश्य समाज उद्यमिता, तकनीकी और सामाजिक विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण में निरंतर सक्रिय है।



