
मिथिला पंचांग ने किया स्पष्ट: 19 को अष्टमी-नवमी साथ, होम 20 को और विसर्जन 21 अक्टूबर को – पं. मोहित नारायण मिश्र
मधुबनी 18 अक्टूबर। शारदीय नवरात्र में अष्टमी-नवमी की तिथि को लेकर चल रहे कंफ्यूजन को मिथिला पंचांग ने पूरी तरह दूर कर दिया है। मिथिला पंचांग के जानकार प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. मोहित नारायण मिश्र ने तिथि का सटीक गणित बताते हुए स्पष्ट किया है कि इस बार निर्णय मिथिला पंचांग से ही मान्य होगा।
पं. मिश्र के अनुसार मिथिला पंचांग की गणना इस प्रकार है। 19 अक्टूबर (सोमवार): सुबह 8 बजकर 04 मिनट तक अष्टमी तिथि रहेगी। सुबह 8 बजकर 05 मिनट से नवमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। इसलिए 19 अक्टूबर को अष्टमी और नवमी दोनों एक ही दिन पड़ेंगी। 20 अक्टूबर (मंगलवार): सुबह 9 बजकर 46 मिनट तक नवमी तिथि रहेगी। सुबह 9 बजकर 47 मिनट से दशमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
होम और विसर्जन कब?
ज्योतिषाचार्य पं. मोहित नारायण मिश्र ने बताया कि मिथिला पंचांग के अनुसार हवन (होम) 20 अक्टूबर को मान्य होगा। 20 अक्टूबर को नवमी युक्त दशमी में होम करना शास्त्र सम्मत और फलदायी रहेगा।
प्रतिमा विसर्जन बुधवार, 21 अक्टूबर को होगा—
दशमी तिथि में विसर्जन करने से मां दुर्गा का आशीर्वाद अक्षय बना रहता है। उन्होंने कहा कि मिथिला क्षेत्र के सभी दुर्गा पूजा समितियां और श्रद्धालु मिथिला पंचांग के इसी निर्णय का पालन करें।



