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होम्योपैथिक चिकित्सकों का दो दिवसीय राज्यस्तरीय सेमिनार शुरू

बेगूसराय- 08 अक्टूबर। दो दिवसीय बिहार स्टेट होम्योपैथिक कांग्रेस 2022 का शुभारंभ शनिवार को बेगूसराय में हो गया। ”होम्योपैथी- मेडिसिन फॉर द चेंजिंग हेल्थ कॉन्सेप्ट पोस्ट कोविड इफेक्ट” मुख्य विषय पर आयोजित कॉन्फ्रेंस में बिहार के विभिन्न जिलों के चिकित्सकों के अलावा संघ के राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के तमाम पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं।

कार्यक्रम में मुंबई, कर्नाटक, लखनऊ सहित कई राज्यों के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक शामिल हुए हैं। सेमिनार में दो दिनों के दौरान प्रमुख चिकित्सकों द्वारा अलग-अलग सत्र में ”होम्योपैथी-बदलते वैश्विक परिदृश्य के लिए दवा, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर, संचारी रोग, गैर-संचारी रोग और पर्यावरणीय प्रभाव, मौलिक अनुसंधान और सिद्ध करना, स्वास्थ्य सेवा पेशा तथा हेल्थकेयर सिस्टम” पर चर्चा की जाएगी।

सेमिनार का उद्घाटन होम्योपैथिक चिकित्सक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रामजी सिंह सहित अन्य चिकित्सकों ने दीप प्रज्वलित कर किया। डॉ. रामजी सिंह कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा आयुष चिकित्सा को काफी बढ़ावा दिया जा रहा है। बिहार में भी तीन हजार आयुष चिकित्सकों की बहाली निकली हुई है। लेकिन कानूनी प्रक्रिया के तहत फिलहाल नहीं हो पाई है। बिहार में 15 आयुर्वेदिक कॉलेज हैं। पहले लोग शहर के लोगों के लिए होम्योपैथिक इलाज करते थे, अब यह ग्रामीण इलाकों तक फैल गया है, होम्योपैथिक का लगातार विस्तार हो रहा है।

होम्योपैथिक की दवा ने डेंगू और कोरोना काल में यह साबित भी किया है, जिसकी सराहना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की है। वे होम्योपैथिक चिकित्सा को बढ़ावा देने में लगातार काम कर रहे हैं। हम सब समर्पित भाव से हर लोगों तक समुचित तरीके से होम्योपैथिक द्वारा तमाम असाध्य रोगों तक का इलाज कर रहे हैं, इसे लगातार बढ़ावा दे रहे हैं।

होम्योपैथिक चिकित्सा को जहां जन-जन तक पहुंचाना है, वहीं इसके लाभ तथा आधुनिक तरीके से इलाज के संबंध में होम्योपैथिक चिकित्सकों को सेमिनार में जानकारी दी जा रही है। सेमिनार के बाद जब तमाम चिकित्सक अपने-अपने कार्य पर लौटेंगे तो ना केवल उनमें नई ऊर्जा का संचार होगा, बल्कि नए तरीके से इलाज के संबंध में भी पूरी सटीक जानकारी रहेगी।

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Author: lakshyatak

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