
मधुबनी में अंडरग्राउंड बिजली वायरिंग कार्य नहीं हो सका शुरु, सरकार उदासीन : पूर्व मंत्री समीर महासेठ
मधुबनी – 12 अगस्त। पूर्व मंत्री व पूर्व नगर विधायक समीर कुमार महासेठ ने कहा कि शहर में अंडरग्राउंड (भूमिगत) बिजली वायरिंग का कार्य अब तक शुरु नहीं हो सका है। इसको लेकर कई बार विधानसभा में सवाल उठा चुके हैं। सरकार को इस दिशा में शीघ्र ही कार्य शुरु कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंडरग्राउंड बिजली वायरिंग का मुख्य फायदा बेहतर सुरक्षा,हवा,आंधी,तूफान या ठनका गिरने से बिजली आपूर्ति प्रभावित नहीं होती है। बिजली आपूर्ति बनी रहती है। इसके अलावा मेंटनेंस पर कम खर्च और रखरखाव की समस्या कम होती है।
अंडरग्राउंड बिजली के तार पर मौसम का कोई असर नहीं होता है। आंधी,तूफान,तेज हवाओं के दौरान भी बिजली की लाइनें सुरक्षित रहती हैं, जिससे बिजली कटौती न के बराबर होती हैं। पोल पर ऊपरी तारों की तुलना में भूमिगत तारों से करंट लगने या आकस्मिक संपर्क का जोखिम कम होता है। ऊपरी तारों से पक्षियों को खतरा होता है। जमीन के नीचे और खेत में बिजली तार गिरना जानलेवा बना रहता है। उन्होंने कहा कि अंडरग्राउंड बिजली के तार होने से शहर और कॉलोनी में लटकते तारों का मकड़जाल खत्म हो जाएगा।
दुर्गा पूजा विसर्जन और मुहर्रम में ताजिया के दौरान घंटों तक बिजली बाधित नहीं होगा।अंडरग्राउंड बिजली तार इंस्टॉल होने से तारों में बार-बार खराबी नहीं आएगी। जिससे लंबे समय तक रखरखाव पर खर्च कम आता है। कमी पेड़ गिरने या वाहनों के तारों से टकराने जैसी दुर्घटनाएं नहीं होती हैं। प्रदूषण कम होगी। शहर की सुंदरता बढ़गी।अंडरग्राउंड बिजली तार होने से बरसात और आंधी के दिनों में खेतों के बीच और आसपास बिजली पोल से लगे बिजली तारों को गिरने का खतरा कम होगा।खेतों में काम कर रहे किसान व ग्रामीण करंट के चपेट में नहीं आएंगे। करंट से किसी की मौत की घटना नहीं होगी। मधुबनी शहर में अंडरग्राउंड बिजली वायरिंग का लाभ शहर से सेट ग्रामीण क्षेत्रों में भी मिलेगा।



