
मधुबनी में बिजली व्यवस्था होगी और मजबूत, डीएम ने विद्युत अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक कर दिए सख्त निर्देश
मधुबनी- 13 अगस्त। जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने जिले में बढ़ती विद्युत मांग एवं शहरी क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को लेकर विद्युत कार्यपालक अभियंता के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विद्युत लोड की वर्तमान स्थिति, आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए जा रहे कार्यों तथा नए पावर सब-स्टेशनों के निर्माण की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि जिले में हो रहे विकास कार्यों के कारण विद्युत की मांग लगातार बढ़ रही है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष शहरी क्षेत्र में लगभग 4 मेगावाट अधिक विद्युत का उपभोग हो रहा है। मधुबनी विद्युत आपूर्ति प्रमंडल में विद्युत इनपुट भी लगातार बढ़ा है। अप्रैल 2026 में 4.02 करोड़ यूनिट, मई में 4.48 करोड़ यूनिट, जून में 5.51 करोड़ यूनिट तथा जुलाई 2026 में 6.13 करोड़ यूनिट विद्युत इनपुट दर्ज किया गया।
शहरी क्षेत्र में विद्युत लोड जुलाई 2025 में 17 मेगावाट था, जो जुलाई 2026 में बढ़कर 21 मेगावाट तथा अगस्त 2026 में 21.6 मेगावाट हो गया है। वर्तमान में PSS की क्षमता 27 मेगावाट है तथा उस पर लगभग 80 प्रतिशत लोड है।
बढ़ते लोड को देखते हुए विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक 10 MVA क्षमता का पावर ट्रांसफॉर्मर स्थापित किया जा चुका है, जिसे एक सप्ताह के भीतर चालू करने का लक्ष्य है। इसके अतिरिक्त शहरी क्षेत्र के PSS को एक अतिरिक्त 33 KV लाइन से जोड़ा गया है, जिससे मधुबनी जीएसएस एवं पंडौल जीएसएस से दो रूट के माध्यम से विद्युत आपूर्ति की जा सकेगी।
विद्युत कार्यपालक अभियंता, मधुबनी मो. अरमान ने कहा कि जिला पदाधिकारी महोदय के प्रयास से मधुबनी शहरी क्षेत्र में चार नए विद्युत शक्ति उपकेंद्र (PSS) के निर्माण के लिए चार स्थानों पर निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराई गई है। इन उपकेंद्रों का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि बसुआड़ा, मेडिकल कॉलेज, लहेरियागंज एवं अहमद में प्रस्तावित नए PSS से क्रमशः लगभग 8 हजार, 9 हजार, 8 हजार एवं 7 हजार उपभोक्ताओं को सीधे लाभ मिलने की संभावना है। संबंधित एजेंसियों द्वारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है तथा निर्धारित समय में कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने विद्युत कार्यपालक अभियंता को सभी निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने तथा विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बढ़ती विद्युत मांग के अनुरूप विद्युत आधारभूत संरचना का विस्तार आवश्यक है। नए PSS, अतिरिक्त 33 KV लाइन एवं 10 MVA ट्रांसफॉर्मर के माध्यम से शहरी क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की क्षमता और विश्वसनीयता बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि नए PSS को शहरी क्षेत्र की चारों दिशाओं में विकसित किए जाने से अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर विद्युत संबंधी छोटी-छोटी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सकेगा। बैठक में विद्युत विभाग के संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।



