
महाराष्ट्र की सात सरकारी योजनाएं होंगी बंद, तिजोरी पर भार बना कारण
मुंबई – 19 अक्टूबर। महाराष्ट्र सरकार राज्य की सात सरकारी योजनाओं को बंद करने जा रही है। सरकारी तिजोरी पर बढ़ते भार और योजनाओं को अच्छा प्रतिसाद नहीं मिलने के कारण यह निर्णय लिया गया है। इनमें से कुछ योजनाएं बंद हो चुकी हैं, जबकि कुछ को धीरे-धीरे बंद करने की तैयारी चल रही है।
ये सभी सातों योजनाएं महिला व बाल कल्याण विभाग से जुड़ी हुई हैं। विभाग के अनुसार कुछ योजनाओं पर काफी कम खर्च हो रहा है, तो कुछ के लिए फंड की मांग ही नहीं आ रही है, वहीं कुछ योजनाओं को लोगों का अच्छा प्रतिसाद नहीं मिल रहा है।
बंद होने वाली सात योजनाएं ये हैं—
महिलाओं के लिए बहुउद्देशीय सामाजिक केंद्र योजना, महिला मंडलों को अनुदान योजना, देवदासी बच्चों की पुनर्वास योजना, बिना बिजली वाली आंगनबाड़ियों के लिए सोलर पावर सेट योजना, माझी कन्या भाग्यश्री योजना, शेल्टर चलाने वाले NGO को मदद योजना तथा कोरोना की वजह से अनाथ हुए बच्चों के लिए वित्तीय मदद योजना।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिलाओं के लिए बहुउद्देशीय सामाजिक सेंटर, देवदासी बच्चों के पुनर्वास और बिना बिजली वाले आंगनवाड़ी सेंटरों के लिए सोलर पावर सेट योजना 16 अक्टूबर से ही प्रभावित हो गई है।
वहीं कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों के लिए आर्थिक मदद देने वाली योजना वित्तीय वर्ष 2027-28 से बंद होने की संभावना है। माझी कन्या भाग्यश्री योजना को भी कोरोना से जुड़ी स्कीम के साथ ही बंद किया जाएगा। इसी तरह अगले वित्तीय वर्ष से शेल्टर चलाने वाले NGO को मदद देने वाली योजना को भी बंद करने की तैयारी है।



