
मोतिहारी में शिक्षा विभाग के खजाने में सेंध- 60 लाख का वेतन घोटाला, DEO ने कराई FIR
मोतिहारी, 29 अक्टूबर। पूर्वी चम्पारण जिले से शिक्षा विभाग को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जहाँ बच्चों को पढ़ाने वाले ही सरकारी खजाने को लूट रहे थे। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) ने 60 लाख रुपये के कथित वेतन घोटाले में अपने ही दो कर्मियों के खिलाफ नगर थाने में FIR दर्ज कराई है।
कैसे हुआ घोटाला?
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी साल 2024 से HRMS (Human Resource Management System) पोर्टल में फर्जी एंट्री कर सरकारी राशि अपने परिवार के खातों में ट्रांसफर कर रहे थे।
आरोपी कौन?
मो. बेताब DPO स्थापना कार्यालय में प्रतिनियुक्त मदरसा शिक्षक है। इनपर आरोप है कि इसने खुद और अपनी पत्नी के नाम पर फर्जी वेतन निकाला।अमन कुमार कंप्यूटर ऑपरेटर पर आरोप है कि इसने अपने और अपनी बहन के नाम पर फर्जी तरीके से सैलरी का भुगतान करवाया।
DEO कार्यालय के अनुसार इसी फर्जीवाड़े से करीब 60 लाख रुपये की अवैध निकासी की गई है। पोर्टल पर फर्जी शिक्षक ID बनाकर या वेतन की राशि बढ़ा-चढ़ा कर पैसा निकाला जा रहा था।
यह पूरे बिहार का पैटर्न है
बता दें कि यह मामला अकेला नहीं है। भागलपुर में भी इसी तरह 98 लाख के HRMS घोटाले में DEO और DPO को निलंबित किया जा चुका है। इसके बाद महालेखाकार (AG) की रिपोर्ट पर वित्त विभाग ने पूरे बिहार के 10.3 लाख शिक्षकों और पुलिसकर्मियों का वेतन अस्थायी रूप से रोक दिया है।
वित्त विभाग के पत्र में साफ कहा गया है कि HRMS और CFMS पोर्टल के जरिए फर्जी, बढ़ी हुई या अवैध भुगतान के कई मामले सामने आए हैं, जिसकी जांच चल रही है।
फिलहाल नगर थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। दोनों आरोपियों के बैंक खातों की जांच की जा रही है।



