
CEC विवाद पर राजद नेता अमरेंद्र चौरसिया का बड़ा बयान – केंद्र सरकार तुरंत बदले मुख्य चुनाव आयुक्त, नहीं तो CEC खुद छोड़ दें पद
मधुबनी- 09 अक्टूबर। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगे एकतरफा फैसले के आरोपों पर राजद नेता अमरेंद्र चौरसिया ने केंद्र सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की है।
चौरसिया ने कहा कि इस मामले में केंद्र सरकार को मुख्य चुनाव आयुक्त को तुरंत बदल देना चाहिए। अगर सरकार नहीं बदलती है तो नैतिकता के आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त को खुद पद छोड़ देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिस तरह धर्मेंद्र प्रधान ने NEET विवाद में इस्तीफा दिया था, उसी तरह CEC को भी लोकतंत्र की साख बचाने के लिए पद छोड़ देना चाहिए। जब दो चुनाव आयुक्तों ने लिखित में 14 बार आपत्ति की है और सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर दिया है, तो पद पर बने रहना लोकतंत्र के लिए खतरा है।
उन्होंने कहा कि राजद इस मुद्दे को लेकर लगातार आवाज उठा रही है। राजद मांग करेगी कि ECINet सर्वर का फॉरेंसिक ऑडिट हो और सभी एकतरफा फैसलों को रद्द किया जाए।
राजद नेता अमरेंद्र चौरसिया ने आगे कहा कि जिस तरह NEET पेपर लीक विवाद में केंद्र सरकार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा दो बार रोककर आखिर में स्वीकार किया और पूरे देश में फजीहत झेली, ठीक वैसा ही पैटर्न मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मामले में भी दिख रहा है। धर्मेंद्र प्रधान के मामले में सरकार ने पहले बचाव किया, फिर आंदोलन के दबाव में इस्तीफा लेना पड़ा। CEC के मामले में भी सरकार उसी गलती को दोहरा रही है। जब आयोग के दो सदस्य ही कह रहे हैं कि फैसले अकेले लिए गए, तो सरकार को तुरंत उच्चस्तरीय कमेटी बनानी चाहिए थी, न कि बचाव करना चाहिए। अगर सरकार ने पारदर्शी ऑडिट नहीं कराया तो लोकतंत्र पर सवाल और गहरा हो जाएगा।



