
सोशल मीडिया का दुरुपयोग तेजी से बढ़ रहा, दिमागी नक्सलवाद से सतर्क रहना होगा: PM मोदी
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि अफवाहें फैलाने और भारत की छवि धूमिल करने के लिए सोशल मीडिया का दुरुपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इसका मुकाबला करना प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री मोदी परेड ग्राउंड, एकता नगर, गुजरात में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भले ही हमने दूरदराज के इलाकों से नक्सलवाद को खत्म कर दिया है, लेकिन ‘दिमागी नक्सलवाद’ का खतरा अभी भी बना हुआ है। देश को इन दिमागी नक्सलियों के खिलाफ सतर्क रहना चाहिए।
विपक्ष पर साधा निशाना—
प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का दायित्व सरकार की नीतियों का विरोध करना है, लेकिन दुर्भाग्य है कि इस समय देश में विपक्ष अपना कर्तव्य त्यागकर हताशा और निराशा में विकास के सामने अवरोध खड़ा कर रहा है। विरोध नहीं, अवरोध को ही इन्होंने अपनी राजनीति बना लिया है। ये लोग संविधान की मर्यादाओं को तार-तार करने में लगे हैं।
नक्सलवाद की कमर टूटी—
नक्सलवाद के खात्मे पर उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर उन्होंने घोषणा की थी कि जब तक देश नक्सलवाद और माओवादी आतंक से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाता, तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे। आज एक वर्ष बाद देश में नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है। दशकों तक हिंसा और रक्तपात से ग्रस्त रहे क्षेत्र अब विकास की मुख्यधारा का हिस्सा बन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमारा संविधान हमें जवाबदेह बनाता है, जबकि एकता हमें एक राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने की शक्ति देती है। सरदार पटेल ने देश के भूगोल को एकजुट करने के साथ भावनात्मक एकता की नींव भी मजबूत की।
1984 दंगे और ऊर्जा संकट का जिक्र—
इस दौरान उन्होंने 1984 के सिख विरोधी हिंसा का मुद्दा उठाया और कहा कि कांग्रेस के शासन में निर्दोष सिखों को जिंदा जलाया गया और वही कांग्रेस आज लोकतंत्र और इंसाफ का ढोंग कर रही है। 1 नवंबर को रामलीला मैदान में राहुल गांधी की मेगा रैली पीड़ित परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।
वहीं अपनी सरकार की उपलब्धि गिनाते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट के बावजूद भारत ने अपने नागरिकों पर इसका असर नहीं पड़ने दिया। दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल की खरीद पर सीमाएं लगानी पड़ीं, जबकि भारत में ऐसी ताकतों ने झूठ और अफवाह फैलाकर अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की, लेकिन देशवासी मजबूती से राष्ट्र के साथ खड़े रहे।



