
छात्रों पर हिंसा और चढ़ावा चोरी समेत सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा हो, सरकार शर्त नहीं रख सकती: पवन खेड़ा
नई दिल्ली- 12 अगस्त। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने बुधवार को कहा कि संसद में चर्चा छात्रों के विरोध-प्रदर्शन तक सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि अयोध्या के राममंदिर के चढ़ावे से जुड़े आरोप, छात्रों पर हुई कार्रवाई, कथित पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्याओं समेत सभी मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले दिन से इन सभी मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है और सरकार को चर्चा के लिए शर्तें नहीं रखनी चाहिए।
संसद भवन में पत्रकारों से बातचीत में खेड़ा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार छात्रों के विरोध-प्रदर्शन से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष 24 घंटे के भीतर चर्चा के लिए प्रस्ताव दे तो सरकार चर्चा कराने को तैयार है। खेड़ा ने कहा कि सत्ताधारी दल को चर्चा के लिए शर्त रखने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष स्पष्ट रूप से कह रहा है कि यदि चर्चा होगी तो छात्रों पर हुई कार्रवाई, कथित चढ़ावा चोरी, पेपर लीक, छात्रों की आत्महत्याओं और प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन, आंसू गैस तथा अन्य बल प्रयोग जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी। गृह मंत्री को सदन में आकर इन मुद्दों पर जवाब देना होगा।
खेड़ा ने गृह मंत्री के संसद में नियमित रूप से मौजूद रहने के बयान पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि संसद परिसर में आना और सदन में मौजूद रहना अलग-अलग बातें हैं। यदि गृह मंत्री संसद की कैंटीन या अन्य जगहों पर आते हैं तो इसे सदन में आना नहीं कहा जा सकता।
चर्चा के लिए विपक्ष से लोकसभा अध्यक्ष को लिखकर देने की मांग पर खेड़ा ने कहा कि विपक्ष पहले दिन से अपनी मांग स्पष्ट कर चुका है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को दोबारा यह बताने की जरूरत नहीं है कि किन मुद्दों पर चर्चा होनी है। सरकार को छात्रों पर हुई कथित हिंसा, पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्याओं समेत सभी संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार होना चाहिए। सरकार इन मुद्दों पर चर्चा करने से क्यों बच रही है।
खेड़ा ने कहा कि संसद का सत्र शुरू हुए करीब 17-18 दिन बीत जाने के बाद सरकार की ओर से चर्चा की बात कही जा रही है। विपक्ष लंबे समय से गृह मंत्री से सदन में आकर जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई पर बयान देने की मांग कर रहा है।



