
MADHUBANI:- जिलाधिकारी के आदेश के एक साल बाद भी कार्रवाई नहीं, मारड जगतपुर पोखर की भूमि पर 58 लोगों का कब्जा
मधुबनी- 20 जुलाई। रहिका अंचल के तहत मारड जगतपुर स्थित खाता 508 खेसरा संख्या-3390, 3394, 3401, 3470, 3477 पोखर व भिंडा को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई एक साल से फाइलों में अटका पड़ा है। बतादें कि इस मामले में अगस्त 2025 में लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के तहत जिलाधिकारी द्वारा रहिका अंचल अधिकारी को कार्रवाई का निर्देश दिया गया था। इसका करीब एक साल पूरा होने वाला है। आदेश का अनुपालन नहीं करने पर संबंधित राजस्व कर्मचारी,अमीन के विरूद्ध आरोप पत्र गठित करने की बात बताई गई थी। आदेश में अतिक्रमण वाद चलाकर अतिक्रमित भूमि को खाली कराने करने का निर्देश दिया गया था।
इस मामले में सदर अनुमंडल पदाधिकारी को अनुश्रवण करने का निर्देश दिया गया था। आदेश का अनुपालन में किसी भी लोक प्राधिकार द्वारा अभिरूचि नहीं लेने को बिहार सरकारी सेवक नियमावली 1976 की धारा 03 का उल्लंधन का उल्लेख किया गया है। आदेश में इसका भी उल्लेख किया गया है कि अंचल स्तर पर लोक भूमि का अतिक्रण होने के स्थिति में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है।
मालुम हो कि रहिका प्रखंड के माड़र निवासी दिगंबर मिश्र पिछले चार साल से इस पोखर को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए आवाज उठाते रहे है। मई 2025 में दिगंबर मिश्र द्वारा दर्ज कराए गए यह मामला बिहार लोक शिकायत निवारण अधिनियम, 2015 के तहत प्रथम अपीलीय प्राधिकार द्वारा निर्गत आदेश के विरूद्ध द्वितीय अपील दायर किया गया था। जिसमें बताया गया है कि रहिका अंचल अधिकारी द्वारा समर्पित प्रतिवेदन में संबंधित राजस्व कर्मचारी द्वारा जॉच संबंधित भूमि की स्थलीय एवं अभिलेखीय जांचकर प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया था। प्रतिवेदन में उक्त भूमि पर कुल 58 अतिक्रमणकारियों के अलावा कुछ अन्य लोगों का दखल-कब्जा किया गया है। पुनः भूमि की मापी कर रकवा सहित अंकित कर प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया गया।
राजस्व कर्मचारी द्वारा आरएस खेसरा का विवरण उपलब्ध कराने के बाद अंचल अमीन से भूमि का मापी कराकर उपलब्ध प्रतिवेदन से स्पष्ट होता है कि अंचल स्तर पर लोक भूमि के अतिक्रण होने के स्थिति में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।



