
मधुबनी नगर निगम की लापरवाही उजागर: शहर में खुले में कचरा जलाकर फैला रहे प्रदूषण, NGT के नियमों की उड़ा रहे धज्जियां
मधुबनी- 24 अक्टूबर। एक तरफ सरकार स्वच्छ भारत अभियान और प्रदूषण मुक्त शहर की बात कर रही है, वहीं मधुबनी नगर निगम की लापरवाही से शहर की हवा जहरीली हो रही है। नगर निगम क्षेत्र के स्टेडियम रोड में भच्छी चौक के पास खुले में कचरा जलाया जा रहा है। शहर के बीचों-बीच सड़क किनारे ही डंपिंग स्थल बना दिया गया है।
तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि सड़क किनारे कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लगे हैं, जिसमें आग लगी हुई है और धुआं उठ रहा है। प्लास्टिक, पॉलिथीन, कागज और घरेलू कचरे के जलने से आसपास का पूरा इलाका धुंध और दुर्गंध से भर गया है। वहीं आवारा पशु उसी कचरे में मुंह मार रहे हैं।
स्थानीय विपिन कुमार झा का कहना है कि रोजाना नगर निगम की गाड़ियां शहर भर का कचरा लाकर यहीं फेंक देती हैं। फिर दिन-रात कचरा से धुआं निकलने लगता है ताकि कचरा कम दिखे। सवाल है कि जब निगम के पास अपना निर्धारित डंपिंग ग्राउंड है तो शहर के व्यस्ततम स्टेडियम रोड को डंपिंग स्थल कैसे बना दिया गया?
नियमों की अनदेखी, सेहत पर खतरा—
खुले में कचरा जलाना एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेश का सीधा उल्लंघन है। इस पर पूरी तरह प्रतिबंध है। कचरा जलने से निकलने वाले कार्बन मोनोऑक्साइड, डाइऑक्सिन जैसी जहरीली गैसें लोगों में सांस, आंखों में जलन और चर्म रोग जैसी बीमारियां पैदा कर रही हैं। सड़क से गुजरने वाले राहगीरों, स्कूली बच्चों और आसपास के घरों में रहने वाले लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि लाखों रुपये स्वच्छता के नाम पर खर्च करने वाला नगर निगम आखिर कचरा प्रबंधन में इतना फेल क्यों है। क्या नगर आयुक्त को इसकी जानकारी नहीं है या जानबूझकर आंखें मूंद रखी हैं?
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से इस अवैध डंपिंग स्थल को तुरंत हटाने और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।



