बिहार

BIHAR:- कैबिनेट के बैठक में 10 प्रस्तावों पर लगी मुहर, ग्रीनफील्ड सैटलाइट टाउनशिप में जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक हटेगी

पटना- 12 अगस्त। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार शाम हुई बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में ग्रीनफील्ड सैटलाइट टाउनशिप क्षेत्र में भूमि के क्रय-विक्रय और हस्तांतरण पर लगी रोक हटाने समेत कुल 10 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में ऊर्जा, शिक्षा, कौशल विकास, डिजिटल कनेक्टिविटी और छात्र कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

कैबिनेट ने भागलपुर, मुजफ्फरपुर, गयाजी और बिहारशरीफ में कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। वहीं, सामान्य प्रशासन विभाग में विशेष सचिव संजय कुमार को 31 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्ति के बाद एक वर्ष के लिए संविदा पर नियोजित करने की स्वीकृति दी गई।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत आवासीय उपभोक्ताओं को केंद्रांश के अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से वित्तीय सहायता देने के लिए 1,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसके तहत 10,000 रुपये प्रति किलोवाट की दर से अधिकतम 20,000 रुपये प्रति उपभोक्ता की सहायता दी जाएगी।

गांवों में भारतनेट की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार, बीबीएनएल और राज्य सरकार के बीच समझौता करने की भी स्वीकृति दी गई। इसके अलावा बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड, पटना के अधीन ग्रिड उपकेंद्र कार्यालयों और पूर्व निर्धारित यार्ड स्टिक के अनुसार विद्युत कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और विद्युत अभियंता समेत कुल 221 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।

कैबिनेट ने ‘सात निश्चय-3’ के तहत कुशल युवा कार्यक्रम को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक विस्तारित करने की स्वीकृति दी। इसके लिए 430.08 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। कार्यक्रम के तहत युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ड्रोन, सोलर, नेटवर्किंग, डिजिटल मार्केटिंग, बैंकिंग, टेली, विदेशी भाषाओं और उद्यमिता जैसे भविष्य के कौशल में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे प्रत्यक्ष रूप से 6,436 रोजगार के अवसर सृजित होने और हर वर्ष 2.57 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण मिलने का अनुमान है।

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को भी वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक सुदृढ़ करते हुए अगले पांच वर्षों के लिए विस्तार देने की मंजूरी दी गई। वर्ष 2026-27 के लिए 950 करोड़ रुपये के व्यय को स्वीकृति दी गई है। सरकार के अनुसार, अब तक 4.81 लाख से अधिक आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं और 4.15 लाख से अधिक विद्यार्थियों को करीब 8,865 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बिहार में संचालित एकल निजी शिक्षण संस्थानों को बहुविषयक डिग्री महाविद्यालय के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

इसके अलावा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) की नामांकन प्रक्रिया में संशोधन करने का निर्णय लिया गया। निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की कुल स्वीकृत सीटों में से 50 प्रतिशत सीटों पर नामांकन बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद, पटना के माध्यम से कराने की स्वीकृति दी गई। राज्य के निजी आईटीआई संस्थानों की 50 प्रतिशत सीटों पर अब नामांकन इसी प्रक्रिया के तहत होगा।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Follow on X-twitter Follow
Follow on Pinterest Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!