
भारत की बड़ी आबादी युवाओं की सोच सकारात्मक, देश निर्माण को अग्रसर: सीए आदित्य झा
मधुबनी – 11 अगस्त। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में युवाओं की भूमिकाओं पर पूरी दुनिया की नजर टिकी है। भारतीय युवाओं की सोच सदैव सकारात्मक रही है। यह बात अलग है कि भीड़ का लाभ उठाकर नकारात्मक सोच कुछ समय के लिए अंशाति की मंशा जाहिर कर देते है। उक्त बातें सीए आदित्य झा ने कहीं।
अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस की पूर्व संध्या पर शहर में संस्कार संस्कृति संरक्षण समिति के तत्वावधान में ‘आज के युवा कल के नेता’ विषय पर सेमिनार को संबोधित करते हुए सीए आदित्य झा ने कहा कि युवाओं को लक्ष्यहीन, भ्रमित और दिशाहीन होने से बचना चाहिए। देश की प्रगति शिक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, प्रबंधन और अन्य क्षेत्रों में विकास पर निर्भर होती है। युवाओं को उच्च स्तर की शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए। शिक्षा के आधार पर विभिन्न क्षेत्रो में सकारात्मक योगदान देना चाहिए। युवा वर्ग शारीरिक और मानसिक रूप से किसी भी कार्य को कुशलता पूर्वक करने में सक्षम होता है। उन्होंने कहा कि भारत में युवाओं की सबसे बड़ी आबादी है।
युवाओं की सोच सकारात्मक दिशा में लग जाए तो भारत पूरी दुनिया में उत्कृष्ट बन जाएगा। देश को विकसित बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी होती है।भारत को विकसित देशों की श्रेणी में शामिल करने के लिए युवाओं को राष्ट्र की प्रेरक शक्ति के रूप में कार्य करना होगा। युवा कई असफलताओं का सामना करते हुए सफलता हासिल करते है। असफलता से घबराए बगैर अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते रहना चाहिए। सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए संजीव कुमार ने कहा कि युवा राष्ट्र के किसी भी विकास की नींव रखता है।
राष्ट्र की सफलता का आधार युवा पीढ़ी और उनकी उपलब्धियां होती हैं।युवा अपने प्रयासों के साथ ईमानदारी से काम करता हैं। युवा मन प्रतिभा और रचनात्मकता से भरा होता है। वह समाज, देश-हित की सोच के साथ अपने कार्यों में सफल होते हैं। पं. ऋषिनाथ झा ने कहा कि युवाओं को देश-हित में अवसरों का लाभ उठाते हुए विभिन्न क्षेत्रों में करियर बनाने में सक्षम बनाना चाहिए। इसके लिए सफल लोगों का मार्गदर्शन और समर्थन लेना चाहिए। ताकि सफलता के लिए सही मार्ग प्रशस्त हो सकें। युवा पीढ़ी पर समाज, देश-हित और विकास का दायित्व होता हैं। युवाओं को शिक्षित, चरित्रवान और जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज की प्रगति में सहायक होना चाहिए।



