
भारत और फ्रांस की संयुक्त संवाद कार्यक्रम में शामिल अंतरराष्ट्रीय पैरा तैराक शम्स आलम ने कहा : खेल की कोई सीमा नहीं होती, मैदान हर किसी का होता
मधुबनी- 09 अगस्त। भारतीय पैरालंपिक समिति और भारत में फ्रांस दूतावास के सहयोग से त्यागराज स्टेडियम नई दिल्ली में आयोजित ‘पैरा एलान सबका मैदान’ संवाद कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय पैरा तैराक मधुबनी के शम्स आलम ने हिस्सा लिया। संवाद कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न विद्यालयों के 300 से अधिक विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अंतरराष्ट्रीय पैरा तैराक शम्स आलम ने कहा कि हरेक संदेश सुनने में सरल होती है। उसे अमल में लाने पर बेहद शक्तिशाली साबित होता है। खेल की कोई सीमा नहीं होती है। मैदान हर किसी का होता है। सभी को मिलाकर एक ऐसी पीढ़ी का निर्माण करना होगा जो क्षमताओं का सम्मान करे, विविधताओं को स्वीकार कर एक समावेशी भविष्य का निर्माण करे।
कार्यक्रम में युवा विद्यार्थियों के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को सक्रिय रूप से विभिन्न गतिविधियों में भाग लेते हुए पैरा-एथलीट्स के साहस, दृढ़ संकल्प, संघर्षशीलता और उपलब्धियों के बारे में सीखना देखना बेहद प्रेरणादायक साबित होता है। उनके उत्साह और जिज्ञासापूर्ण सवालों ने एक बार फिर यह याद दिलाया कि भारत और फ्रांस में विशेषकर युवा पीढ़ी के बीच, दिव्यांगता और दिव्यांग खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना कितना महत्वपूर्ण है।
शम्स आलम ने संवाद कार्यक्रम के लिए भारतीय पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र सिंह और भारत में फ्रांस दूतावास के राजदूत श्रीथियरी माथू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पैरा स्पोर्ट्स के महत्व और उसके प्रभाव को समझाने में मदद की। जागरूकता बढ़ाने और खेल के माध्यम से समावेशन को बढ़ावा देने के इस सार्थक प्रयास में योगदान देने का अवसर दिया। कार्यक्रम में पेरिस 2024 पैरालंपिक रजत पदक विजेता और टोक्यो 2020 कांस्य पदक विजेता पैरा हाई-जंप खिलाड़ी शरद कुमार, दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय के सहायक निदेशक सहित अन्य अतिथि शामिल हुए।



