
केंद्र सरकार गुजरात में उद्योग को दे रही बढ़ावा, बिहार में बंद हो रही एथनाल फैक्ट्री: पूर्व मंत्री समीर महासेठ
मधुबनी -10 अगस्त। पूर्व उद्योग मंत्री व पूर्व मधुबनी विधायकसमीर कुमार महासेठ ने कहा कि केन्द्र सरकार बिहार की बजाय गुजरात में उद्योग इकाई बढ़ाने पर जोर दे रही है। ताकि बिहार के लोग दस से बारह हजार रुपये के लिए गुजरात के कारखाना में काम कर सके। बिहार से गुजरात और अन्य राज्यों में बिहार के लोग काम के लिए नहीं जाए तो वहां के उद्योग धंधा बंद पड जाएगा।
पूर्व मंत्री ने कहा कि बिहार में उद्योग इकाइयों को सरकार का सहयोग नहीं मिल रहा है, जिससे उद्योग-धंधा शुरू होने के एक-दो साल में दम तोड़ देता है। उद्योग शुरु करने वाले कंगाल होने के कगार पर पहुंच जाते हैं। बिहार सरकार की गलत नीति के चलते देश-दुनिया के उद्योगपतियों आज भी बिहार आना नहीं चाहते है।
बिहार सरकार पहले उद्योगपतियों को उद्योग लगाने के लिए बिहार बुलाती है। इसके बाद सरकार की तय पॉलिसी के तहत उद्योग इकाई को दिए जाते वाला सब्सिडी, कर्मियों का पीएफ, ग्रेचयूटी राशि का समय पर भुगतान नहीं करती है। भागलपुर सहित बिहार के अन्य एथनाल उत्पादन इकाईयों की हालत खराब है। उद्योग इकाइयों को सब्सिडी, पीएफ भुगतान में सरकार की उदासीनता के बाद इससे जुड़े विभागों की अफसरशाही बडा संकट बना है। अफसरशाही दूर करने में सरकार बौना साबित हो रहा है। बड़े अधिकारी सरकार के अधिकांश आदेश, निर्देश की उपेक्षा करते है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि इससे देश-दुनिया के उद्योगपतियों में बिहार की छवि खराब होती है।उद्योगपति लाखों, करोड़ों लगाकर उद्योग की शुरुआत करते है।बावजूद इसके सरकार बिहार में उद्योग को बढ़ावा नहीं दे रही है।
—रिपोर्ट कपलेश्वर साह



