
BJP कर रही राष्ट्रगीत का राजनीतिकरण: नलिनी रंजन झा
मधुबनी – 25 अगस्त। वंदे मातरम को लेकर छिड़े सियासी संग्राम के बीच कांग्रेस जिला अध्यक्ष नलिनी रंजन झा उर्फ रूपन झा ने BJP पर सीधा हमला बोला है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि BJP अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए राष्ट्रगीत को हथियार बना रही है। कांग्रेस ने फैसला किया है कि पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के सिर्फ पहले दो पद ही गाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यह कोई नया फैसला नहीं है, बल्कि 28 अक्टूबर 1937 को CWC द्वारा पारित प्रस्ताव की परंपरा है। साल 1937 का प्रस्ताव गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर बना था। तब महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस, मौलाना आजाद जैसे नेताओं ने तय किया था कि राष्ट्रीय सभाओं में वही दो पद गाए जाएं जो बिना किसी धार्मिक संदर्भ के भारत की सुंदरता को दर्शाते हैं।
कांग्रेस 1937 से ही अपनी बैठकों में राष्ट्रगान का एक और वंदे मातरम के दो छंद गाती आ रही है और यह परंपरा जारी है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह बहुत ही विडंबनापूर्ण है कि जो लोग आज राष्ट्रवाद के संरक्षक होने का दावा करते हैं, उन्होंने कभी ‘वंदे मातरम’ नहीं गाया। BJP दिखावटी राष्ट्रवाद कर रही है।
BJP ने सांप्रदायिक राजनीति के मकसद से राष्ट्रगीत को पूरा गाने का कानून बनाया है। वह विवाद खड़ा करना चाहती है ताकि लोगों का ध्यान सरकार की नाकामियों से हट जाए।



