
MADHUBANI:- पर्चा बांटने की अफवाह फैलाकर समाहरणालय में भीड़ जुटाने पर प्रशासन सख्त, 7 नामजद पर FIR दर्ज
मधुबनी- 19 सितंबर। मधुबनी समाहरणालय परिसर में अनधिकृत रूप से भीड़ एकत्रित किए जाने के मामले को जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी ने समाहरणालय परिसर की गरिमा, प्रशासनिक कार्यों के सुचारु संचालन तथा विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से अनधिकृत रूप से भीड़ एकत्रित कर प्रदर्शन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का निर्देश दिया है। अफवाह फैलाने वाले, गलत एवं भ्रामक सूचना प्रचारित कर भीड़ एकत्रित करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई तेज कर दी गई है।
इस संबंध में नगर थाने में 7 नामजद एवं अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। समाहरणालय में आई महिलाओं द्वारा बताए गए नामों के आधार पर जांचोपरांत प्राथमिकी दर्ज हुई है। नामजद आरोपियों में चिंटू कुमार बाबूबरही, मोहन कुमार झंझारपुर, मो. एजाज खुरौना, सेतु कुमार बेनीपट्टी, छेदू साफी बासोपट्टी, मिथिलेश पंडौल तथा राकेश कुमार हरलाखी
शामिल हैं।
बतादें कि 18 सितंबर को समाहरणालय परिसर में 300 से 400 की संख्या में महिलाओं की भीड़ एकत्रित हो गई थी। मौके पर मौजूद अधिकारियों द्वारा पूछताछ में कुछ महिलाओं ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि जिलाधिकारी द्वारा भूमिहीन परिवारों को पर्चा वितरित किया जाएगा। भीड़ में शामिल महिलाएं विभिन्न प्रखंडों एवं गांवों से आई थीं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अभियान बसेरा के तहत वासगीत पर्चा अथवा बंदोबस्त पर्चा के लिए आवेदन अंचल कार्यालय में जमा करना होता है। वहां जांच के उपरांत नियमानुसार पात्र एवं योग्य व्यक्तियों को पर्चा अंचल स्तर से ही दिया जाता है, समाहरणालय से इसका कोई सीधा वितरण नहीं होता।
बड़ी संख्या में अनधिकृत भीड़ जमा होने से प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने के साथ-साथ शांति एवं विधि-व्यवस्था भंग होने की आशंका उत्पन्न हो गई थी। आवागमन भी प्रभावित हुआ था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप कर भीड़ को नियंत्रित किया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना सक्षम अनुमति के धरना-प्रदर्शन, नारेबाजी अथवा अनधिकृत भीड़ एकत्रित करना स्वीकार्य नहीं है।
जिलाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि अपनी शिकायतों एवं समस्याओं के निराकरण के लिए निर्धारित प्रशासनिक एवं कानूनी माध्यमों का उपयोग करें, सरकारी कार्यालय परिसरों में भीड़ लगाकर कार्यों में व्यवधान उत्पन्न न करें और शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।



