
DARBHANGA:- उर्दू माध्यमिक विद्यालय दिधियार की पहचान में बदलाव पर नजरे आलम ने उठाए सवाल, डीईओ से 24 घंटे में जांच की मांग
दरभंगा- 19 सितंबर। जिले के केवटी प्रखंड के उर्दू माध्यमिक विद्यालय, दिधियार को लेकर स्थानीय ग्रामीणों की शिकायत पर जनता दल यूनाइटेड, बिहार के सदस्य एवं ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नजरे आलम ने जिला पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी से तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है।

नजरे आलम ने कहा कि ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कल्पना पाठक के आने के बाद विद्यालय की उर्दू पहचान और पूर्व से चली आ रही व्यवस्थाओं में बदलाव किए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय की मोहर से ‘उर्दू’ शब्द हटा दिया गया है तथा पूर्व में शुक्रवार (जुमे) को होने वाली छुट्टी को रविवार कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि विद्यालय के नियम-कायदों में किए जा रहे इन बदलावों में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) का सहयोग है।
नजरे आलम ने कहा कि उर्दू बिहार की द्वितीय राजभाषा है, ऐसे में किसी उर्दू माध्यम विद्यालय की आधिकारिक पहचान में बदलाव का मामला गंभीरता से जांचा जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सक्षम विभागीय आदेश के बिना विद्यालय की मोहर और छुट्टी की व्यवस्था में परिवर्तन किया गया है, तो ऐसा निर्णय किस आधार पर लिया गया।
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों द्वारा इससे पहले भी संबंधित विभाग को लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि उक्त बदलाव किस आदेश के तहत किए गए।
नजरे आलम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से मांग की है कि यदि जांच में बदलाव नियमों के विपरीत पाए जाते हैं तो 24 घंटे के अंदर आवश्यक सुधार कराया जाए तथा जिम्मेदारी निर्धारित कर कार्रवाई की जाए।



