
प्रभू श्रीराम को उनकी बड़ी बहन माता शांता की ओर से साकेत महल से भेजी गई मधुबनी की राखी
अयोध्या/मधुबनी- 26 अगस्त। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भगवान श्रीराम की बड़ी बहन माता शांता की ओर से भगवान श्री राम को राखी भेजी गई है। परंपरा के अनुसार ऋषि श्रृंगी के आश्रम साकेत महल की ओर से माता शांता के नाम से भगवान श्रीराम के लिए राखी भेजी गई है। राखी के साथ शुभकामना संदेश भी भेजा गया है। अयोध्या में राम मंदिर में इस राखी को विशेष पूजा के साथ भगवान के विग्रह को अर्पित किया जाएगा। मान्यता है कि राजा दशरथ और माता कौशल्या की ज्येष्ठ पुत्री माता शांता थीं, जिनका विवाह ऋषि श्रृंगी से हुआ था। ऋषि श्रृंगी ने ही पुत्रेष्टि यज्ञ कराकर राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न के जन्म का मार्ग प्रशस्त किया था। ऋषि श्रृंगी आश्रम साकेत महल से रक्षाबंधन पर श्रीराम के साथ-साथ देश के शीर्ष नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह,गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए भी राखी भेजी गई है। परंपरा के अनुसार यह राखी देश की रक्षा, एकता और समृद्धि की कामना के साथ भेजी गई है। अयोध्या के संत समाज ने इस पहल को सराहा है।

विनीता झा ने बनाई केला पत्ता, भागलपुरी सिल्क, मधुबनी का मखाना और प्राकृतिक रंगों से विशेष राखी—
भगवान श्रीराम की बड़ी बहन माता शांता की ओर से भेजी गई राखियां बेहद खास हैं। यह राखियां मधुबनी की प्रसिद्ध मिथिला पेंटिंग कलाकार विनीता झा, निशा झा द्वारा हाथों से बनाई गई हैं। राखी का बेस केला के पत्ते से तैयार किया गया है, जो पर्यावरण के अनुकूल है। इसमें भागलपुर के प्रसिद्ध सिल्क धागे, मधुबनी का मखाना का उपयोग किया गया है। मिथिला पेंटिंग के प्राकृतिक रंग और अन्य प्राकृतिक वस्तुओं से इसे सजाया गया है। हर राखी पर मिथिला आर्ट की सूक्ष्म झलक दिखती है। राखी के साथ बिहार की परंपरा के अनुसार मधुबनी का प्रसिद्ध मखाना भी भेजा गया है।

कलाकार विनीता झा ने बताया कि यह सिर्फ राखी नहीं, मिथिला की संस्कृति का संदेश है। हमने कोशिश की है कि पूरी राखी 100% नेचुरल और स्वदेशी हो। अयोध्या से लेकर दिल्ली तक भेजी जा रही यह इको-फ्रेंडली राखियां प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति सहित सभी शीर्ष नेताओं के लिए मिथिला की ओर से एक सांस्कृतिक भेंट भी बन गई हैं।



