
MADHUBANI:- गंगासागर काली मंदिर परिसर के दुकानदारों में अग्रिम राशि को लेकर पेंच, राज दरभंगा से हस्तक्षेप की मांग
मधुबनी, 26 अगस्त। शहर के हृदय स्थल और आस्था के केंद्र कहे जाने वाले गंगासागर काली मंदिर परिसर के दुकानदारों में अग्रिम (एडवांस) राशि को लेकर असमंजस और आक्रोश की स्थिति बनी हुई है। दुकानदारों का कहना है कि उनके लिए एक साल में दो-दो बार अग्रिम राशि देना संभव नहीं है। अग्रिम राशि का समायोजन नहीं होने से समस्या जटिल होती जा रही है। दुकानदारों ने बताया कि परिसर के पिछले ठेकेदार द्वारा दुकान बनाने के नाम पर 50 हजार, 2 लाख रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक अग्रिम राशि ली गई थी। यह राशि सिक्योरिटी और एडवांस किराए के रूप में थी।
लेकिन 1 अगस्त 2026 के बाद पेच फंस गया है। अब पुरानी अग्रिम राशि को मानने से इनकार करते हुए दुकानदारों से फिर से नई मोटी अग्रिम राशि की मांग की जा रही है। एक दुकानदार ने बताया कि 10-15 साल से यहां दुकान चला रहे हैं। पहले कभी अग्रिम और मासिक किराए को लेकर कोई समस्या नहीं थी, लेकिन पिछले एक साल से दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
दुकानदारों ने राज दरभंगा और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा है कि पिछले ठेकेदार द्वारा ली गई अग्रिम राशि का नए किराए में समायोजन किया जाए और नए सिरे से मांगी जा रही मोटी अग्रिम राशि पर रोक लगाई जाए।दुकानदारों ने चेतावनी दी है कि जब तक इस मामले का कोई ठोस और लिखित समाधान नहीं निकलता, तब तक वे नई अग्रिम राशि नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि गंगासागर काली मंदिर शहर की आस्था का केंद्र है, इसलिए दोनों पक्षों को बैठाकर बीच का रास्ता निकाला जाना चाहिए।



