
MADHUBANI:- नगर निगम के वार्ड 24 में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटना आया सामने
मधुबनी-03 अगस्त। नगर निगम क्षेत्र में नगर निगम की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटना सामने आया है। बता दें कि निगम के वार्ड संख्या- 24 के मोमिन टोला स्थित वार्ड की जानकारी देती संकेतक बोर्ड को अज्ञात लोगों ने क्षतिग्रस्त कर दिया है। नगर निगम द्वारा लगाए गए इस बोर्ड को तोड़कर निकट रखे गए कचरा पेटी में डाल दिया है। नगर आयुक्त उमेश कुमार भारती ने बताया कि अज्ञात द्वारा रात के अंधेरे में नगर निगम की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सूचना मिली है। ऐसे कार्यों से निगम को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। निगम की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है। ऐसे लोगों को सीसीटीवी कैमरा फुटेज केआधार पर चिंतित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मेयर प्रतिनिधि सह भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष प्रशांत राय ने नगर आयुक्त से आग्रह किया है कि इस मामलों की जांच कराकर चिन्हित लोगों से नुकसान की क्षतिपूर्ति सहित समुचित कार्रवाई की जाए। ताकि निगम की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटना पर अंकुश लग सके।
नगर निगम की संपत्ति को नुकसान पर जुर्माना, वसूली और जेल की सजा का प्रावधान
जानकारी के अनुसार नगर निगम की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 और संबंधित नगर निगम अधिनियमों के तहत जुर्माना, वसूली और जेल की सजा का प्रावधान है। सामान्य संपत्ति को नुकसान पर 5 साल तक की कैद व जुर्माना, जबकि आग या विस्फोटक से नुकसान पर 10 साल तक की सजा हो सकती है। साधारण सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान देने पर यह प्रावधान लागू होता है। आग या बारूद आदि से संपत्ति नष्ट करने पर कठोर कारावास, जिसकी अवधि एक से दस वर्ष तक की हो सकती है। निगम के प्रावधान के अनुसार नुकसान की गई संपत्ति के बाजार मूल्य के बराबर राशि वसूली दोषी व्यक्ति या संगठन से की जाती है। स्थानीय नगर निगम द्वारा उपनियमों के तहत तोड़फोड़ करने, अवैध पोस्टर चिपकाने, कचरा फैलाने पर स्पॉट फाइन की वसूली किया जाता है।



