
विश्व कप स्वर्ण विजेताओं ईशा सिंह और नीरू धांडा को खेल मंत्री ने किया सम्मानित
नई दिल्ली- 30 जुलाई। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने गुरुवार को आईएसएसएफ विश्व कप-2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय निशानेबाज ईशा सिंह और नायब सूबेदार नीरू धांडा को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को भविष्य के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए हरसंभव सरकारी सहयोग का भरोसा दिलाया।
डॉ. मांडविया ने कहा कि सरकार खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, “सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है कि किसी भी प्रतियोगिता में प्रदर्शन के लिए आपको किसी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े। निशानेबाजी हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण खेलों में से एक है और 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक, 2030 राष्ट्रमंडल खेलों सहित आने वाले बड़े आयोजनों में हमें इस खेल से पदकों की सबसे अधिक उम्मीद है। हम चाहते हैं कि आप लॉस एंजिलिस ओलंपिक में भी भारत के लिए पदक जीतें।”
उन्होंने कहा कि भारतीय निशानेबाजों की उपलब्धियां टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, खेलो इंडिया और वैज्ञानिक प्रशिक्षण जैसी योजनाओं के माध्यम से खिलाड़ियों के विकास में किए गए दीर्घकालिक निवेश का परिणाम हैं। ईशा सिंह टॉप्स के कोर ग्रुप का हिस्सा हैं, जबकि नीरू धांडा टॉप्स डेवलपमेंट ग्रुप से जुड़ी हैं। दोनों खिलाड़ी खेलो इंडिया एथलीट भी रह चुकी हैं और अब 2026 एशियाई खेलों की तैयारियों में जुटी हैं।
हरियाणा के जींद की रहने वाली 26 वर्षीय नायब सूबेदार नीरू धांडा ने इटली के लोनाटो में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप में इतिहास रचते हुए विश्व कप में ट्रैप स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला निशानेबाज बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने क्वालिफिकेशन में 125 में से 121 अंक हासिल कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और फाइनल में फ्रांस की पूर्व विश्व चैंपियन कैरोल कॉर्मेनियर को हराकर स्वर्ण पदक जीता। भारतीय सेना की कॉर्प्स ऑफ मिलिट्री पुलिस में नायब सूबेदार नीरू, महू स्थित आर्मी मार्क्समैनशिप यूनिट में प्रशिक्षण लेती हैं। इससे पहले वह 2025 एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।
चीन के हांगझोउ में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप में 21 वर्षीय ईशा सिंह ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतकर इस वर्ष इस स्पर्धा में अपना दूसरा विश्व कप स्वर्ण अपने नाम किया। एशियाई खेलों की दो बार की रजत पदक विजेता ईशा ने फाइनल में मेजबान चीन की चुनौती को पीछे छोड़ा। पिछले वर्ष उन्होंने दोहा विश्व चैंपियनशिप में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य जीतकर विश्व चैंपियनशिप पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने का रिकॉर्ड बनाया था। इसके अलावा उन्होंने म्यूनिख विश्व कप में 43 अंकों के विश्व रिकॉर्ड के साथ 25 मीटर पिस्टल का स्वर्ण पदक भी अपने नाम किया।
दोनों निशानेबाजों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए खेल मंत्री ने विश्वास जताया कि वे आगामी एशियाई खेलों और लॉस एंजिलिस ओलंपिक में भी भारत का नाम रोशन करेंगी।



