
सकरी-रैयाम चीनी मिल के पुनर्जीवन की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय, वर्षों का संकल्प हुआ साकार: माधव आनंद
मधुबनी, 30 जुलाई। मधुबनी के विधायक माधव आनंद ने बिहार मंत्रिपरिषद द्वारा मधुबनी के सकरी एवं दरभंगा के रैयाम स्थित वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिल परिसरों में नई सहकारी चीनी मिलों तथा गन्ना उपोत्पाद (By-products) आधारित उद्योगों की स्वीकृत परियोजना को मंजूरी दिए जाने का स्वागत करते हुए इसे मिथिलांचल के किसानों, युवाओं एवं आमजन के लिए ऐतिहासिक निर्णय बताया है।
उन्होंने कहा कि सकरी चीनी मिल केवल एक उद्योग नहीं, बल्कि मधुबनी की आर्थिक पहचान और हजारों किसान परिवारों की आजीविका का आधार रही है। इसके बंद होने से पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई थी। ऐसे में इसका पुनर्जीवन लाखों लोगों की वर्षों पुरानी आशाओं को नई ऊर्जा देगा।
श्री आनंद ने कहा कि वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद ही उन्होंने सकरी चीनी मिल के पुनर्जीवन को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया। जनता से किए गए वादे को पूरा करने के उद्देश्य से उन्होंने लगातार इस विषय का अनुसरण किया।
उन्होंने बताया कि पिछले आठ महीनों के दौरान उन्होंने कई बार माननीय गन्ना उद्योग मंत्री से मुलाकात कर इस विषय को विस्तार से रखा तथा बिहार के लोकप्रिय एवं यशस्वी मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी से भी अनेक अवसरों पर मिलकर सकरी चीनी मिल के पुनर्जीवन की आवश्यकता पर विशेष आग्रह किया। इसके अतिरिक्त बिहार विधान सभा के प्रत्येक सत्र में उन्होंने सकरी चीनी मिल के साथ-साथ लोहट चीनी मिल के पुनर्जीवन का मुद्दा मजबूती से उठाया।
श्री आनंद ने कहा कि उनकी राजनीति सदैव पारदर्शिता और जवाबदेही पर आधारित रही है। जब-जब उन्होंने विधानसभा में यह विषय उठाया अथवा माननीय गन्ना उद्योग मंत्री एवं माननीय मुख्यमंत्री से मुलाकात की, प्रत्येक अवसर पर उन्होंने मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी सार्वजनिक की। इन सभी बैठकों, ज्ञापनों एवं विधानसभा की कार्यवाही का रिकॉर्ड उपलब्ध है। उन्होंने कहा, “मैं केवल दावे करने में नहीं, बल्कि प्रमाण और परिणाम के साथ जनता के बीच जाने में विश्वास रखता हूँ।”
उन्होंने कहा कि बिहार मंत्रिपरिषद का यह निर्णय इस बात का प्रमाण है कि यदि जनहित के मुद्दों को निरंतर, सकारात्मक और गंभीरता से उठाया जाए तो निश्चित रूप से सार्थक परिणाम प्राप्त होते हैं। यह निर्णय हजारों किसानों, श्रमिकों, युवाओं और उन परिवारों की भावनाओं का सम्मान है, जिन्होंने वर्षों तक सकरी चीनी मिल के पुनर्जीवन की उम्मीद बनाए रखी।
श्री आनंद ने विश्वास व्यक्त किया कि नई सहकारी चीनी मिल एवं गन्ना उपोत्पाद आधारित उद्योगों की स्थापना से गन्ना किसानों को बेहतर अवसर मिलेंगे, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे तथा मधुबनी सहित पूरे मिथिलांचल में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए बिहार सरकार, माननीय गन्ना उद्योग मंत्री तथा विशेष रूप से बिहार के लोकप्रिय एवं यशस्वी मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल शुरुआत है। सकरी चीनी मिल की स्थापना की प्रक्रिया शीघ्र पूरी हो और इसका लाभ जल्द से जल्द किसानों एवं स्थानीय युवाओं तक पहुँचे, इसके लिए वे आगे भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर प्रयासरत रहेंगे।



