
MADHUBANI:- फाइल में 4 साल से चल रही गुलटेनी पोखर की मापी, CO, राजस्व कर्मी और भू-माफिया की मनमानी
मधुबनी- 28 जुलाई। नगर निगम क्षेत्र की सरकारी चकदह गुलटेनी पोखर सहित 32 तालाबों की मापी, सीमांकन और अतिक्रमण मुक्त नहीं होने में रहिका अंचल अधिकारियों, राजस्व कर्मचारियों और अतिक्रमणकारियों की सांठगांठ को नकारा नहीं जा सकता है। बता दें कि मत्स्य विभाग की सैरात सूची में शामिल चकदह गुलटेनी पोखर को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए साल 2022 में सदर अनुमंडल न्यायालय कार्यालय द्वारा रहिका अंचल अधिकारी और मधुबनी नगर थाना को निर्देश दिया गया था। निर्देश में बताया गया कि चकबन्दी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार के अनुदेशक से प्राप्त आवेदन पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
आदेश में यह भी बताया गया था कि मुख्यमंत्री सविवालय से प्राप्त आवेदन की जांच कर अतिक्रमित भूमि को अनुपालन प्रतिवेदन एक सप्ताह के अंदर भेजना सुनिश्चित किया जाए। सदर अनुमंडल न्यायालय कार्यालय के इस आदेश के आलोक में कार्रवाई संबंधी सूचना आरटीआई के तहत चकदह निवासी सुभाष यादव द्वारा मांग गई थी। जिसमें उपलब्ध कराई गई प्रतिवेदन में साल 2022 में तत्कालीन रहिका अंचल अधिकारी ने बताया कि पोखर की मापी चल रही है। सवाल उठता है कि मापी पूरी हुई या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। जिससे गुलटेनी पोखर के अतिक्रमण का दायरा और बढ़ गया। जानकारों का माने तो तत्कालीन रहिका अंचल अधिकारी और स्थानीय एक भू-माफिया की सांठगांठ से मापी का दिखावा किया गया था।जिससे गुलटेनी पोखर का सीमांकन और अतिक्रमण मुक्त अब तक नहीं हो सका है। गुलटेनी पोखर को अतिक्रमण मुक्त कराने की विभागीय उदासीनता पर लगातार सवाल उठते रहे है।
जानकारों का आरोप है कि रहिका अंचल अधिकारी, राजस्व कर्मचारी और भू-माफिया की मिली-भगत से पोखर अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सका है।



