
नाहर के नवनिर्मित मंदिर में नर्मदेश्वर शिवलिंग, माता पार्वती, भगवान गणेश, कार्तिक का हुआ प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान
मधुबनी- 17 जून। पंडौल प्रखंड क्षेत्र के भगवतीपुर पंचायत के नाहर वार्ड संख्या-14 स्थित डीहवार स्थान परिसर में नवनिर्मित कामेश्वर गौरीशंकर मंदिर नमश्वेर शिवलिंग, माता पार्वती,भगवान गणेश,कार्तिक व नंदी का प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान सम्पन्न किया गया। अनुष्ठान में शामिल पूर्वमंत्री व पूर्व विधायक समीर कुमार महासेठ ने कहा कि पैक्स अध्यक्ष व पंडौल प्रखंड पीभीसीएस अध्यक्ष पप्पू राउत और उनकी पत्नी भगवतीपुर पंचायत के मुखिया मधुमाला कुमारी चौरसिया के सहयोग से नाहर में मंदिर निर्माण से इलाके के लोगों की आस्था मजबूत होगी। इनके पूर्वजों का धार्मिक स्थलों गहरा लगाव रहा है। इनके परदादा फौदार राउत द्वारा नाहर में करीब 100 साल पूर्व भगवान विष्णु मंदिर का निर्माण कराया गया था। साल 2021 में फौदार राउत पुत्र व पप्पू राउत के पिता राम प्रसाद राउत 21 लाख की लागत से मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया। मौके पर झौआ के पं. कौशल किशोर झा ने कहा कि दान का सबसे श्रेष्ठ कार्य मंदिरों का निर्माण करना है।
मंदिर निर्माण कार्य को पूरा करना वैकुंठ पहुंचने के अधिकार के समान है। मंदिर निर्माण का विचार मात्र ही दीर्घकालीन पापों के नाश के लिए पर्याप्त है। मंदिर निर्माण पूरा करने वाला भक्त अपनी पिछली पीढ़ियों के पापों का भी प्रायश्चित करता है। उसके पितरों को नरक की यातनाओं से तत्काल मुक्ति मिलती है। वे पर्याप्त पुण्य के पात्र होते हैं। इस असाधारण पुण्य कर्म के लिए उत्तरदायी व्यक्ति यज्ञ फल, समस्त तीर्थ स्नान के पात्र होते हैं। नाहर के
पं. श्रीनाथ मिश्र ने कहा कि मंदिर का जीर्णोद्धार का कार्य से जीवनकाल में अपनी संपत्ति बढ़ाने की स्वप्निल आकांक्षाओं की पूर्ति के पात्र होता है। मंदिर का निर्माण स्वर्गलोक की प्राप्ति का कारण बनता है। ब्रह्मलोक की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। शिव लोक प्राप्त होता है। श्रीहरि सन्निधि प्राप्त होती है। कोइलख के महिनाथ ठाकुर ने कहा कि मंदिरों का जीर्णोद्धार कराने वाले, नए मंदिर बनाने वाले मुक्ति के पात्र होते हैं। विष्णु, शिव, सूर्य या देवी के मंदिर निर्माण के लिए जिम्मेदार व्यक्ति उन्हीं लोकों के निवासी बन जाते हैं। उनके परिवार के सदस्य भी उसी लाभ के भागीदार होते हैं। दान अतीत के पापों का प्रायश्चित करने और भविष्य के पापों से बचाव का एक अचूक उपाय है।



