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मध्यप्रदेश में लागु हुआ “पेसा एक्ट”,सीएम ने टंट्या मामा बलिदान दिवस पर किया एलान,साथ में कई योजनाओं की भी घोषणा

भोपाल/इंदौर- 04 दिसम्बर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि टंट्या मामा के नाम से इंग्लैंड तक अंग्रेज डरते थे। स्वतंत्रता आंदोलन के जननायक टंट्या मामा ने गरीबों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध हथियार उठाए। देश की आजादी के लिए टंट्या मामा जैसे जनजातीय वीर जिन्होंने अपने शरीर के खून की अंतिम बूंद समर्पित कर दी, उन्हें आज याद करने का वक्त है। उन्होंने शायराना अंदाज में कहा कि जिनके लहू से मिली हमें आजादी उन जननजातीय वीरों को आज मैं प्रणाम करे आया हूं।मुख्यमंत्री चौहान शनिवार को इंदौर में टंट्या मामा बलिदान दिवस स्मृति कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मंच से “पेसा एक्ट” को आज से ही लागू करने की घोषणा की। कार्यक्रम में उन्होंने जनजातीय गौरव एवं अस्मिता के प्रतीक जननायक टंट्या मामा के बलिदान दिवस पर उनको श्रद्धांजलि अर्पित कर नमन किया।

राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में सशक्त बनाई जाएगी ग्राम सभा—

मुख्यमंत्री चौहान ने कार्यक्रम में बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में आज से “पेसा एक्ट” लागू किया जा रहा। उन्होंने उपस्थित वनवासी बंधुओं को स्वयं अधिसूचना पढ़कर सुनाई और कहा कि अधिसूचना के प्रावधानों के तहत प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सशक्त करने के लिए आज यह एक्ट प्रदेश में लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवास कर रहे वनवासी जन जिनके दिसम्बर 2006 से पूर्व के वन अधिकार के कब्जे अभी तक नहीं दिए गये हैं, उन्हें वन अधिकार पट्टा दिए जाएंगे। इसके लिए प्रदेश में फिर से एक अभियान चलाया जाएगा। कोई भी जनजातीय अब अपने अधिकारों से वंचित नहीं रहेगा।

जनजातीय बंधुओं के छोटे कानूनी मामले लिए जाएंगे वापस—

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर कोई भी जनजातीय बंधु अब परेशान नहीं होगा। छोटे-मोटे कानूनी मामलों के चलते पुलिस और कोर्ट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने घोषणा की कि जिन जनजातीय लोगों पर अपराध के छोटे-मोटे मामूली मामले चल रहे हैं, उन सभी को वापस लिया जाएगा।

जनजातीय भाई-बहनों को मिलेगी आवास के लिए जमीन—

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में जिन जनजातीय भाई-बहनों के पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है, उन्हें आवास बनाने के लिए जमीन का पट्टा दिया जाएगा। मध्यप्रदेश की धरती पर कोई भी जनजातीय बंधु बिना जमीन या मकान के नहीं रहेगा। इसके लिये मध्यप्रदेश सरकार मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना लागू करेगी।

गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा राशन—

उन्होंने कहा कि जनजातीय भाई बहनों को अब राशन के लिए दूरदराज गांव जाकर पूरा दिन व्यर्थ नहीं करना पड़ेगा, बल्कि राशन आपके ग्राम योजना के तहत राशन हर गांव के घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। राशन पहुंचाने के लिए सरकारी वाहनों के बजाय जनजातीय युवाओं को वाहन बैंक से सरकार द्वारा फाइनेंस करवाए जाएंगे।

एक लाख पदों पर कराई जाएगी भर्ती—

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एक लाख बैकलॉग के पदों पर भर्ती कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 50 लाख रुपये तक का ऋण उद्योग लगाने के लिए युवाओं को दिया जाएगा। इस लोन में बैंकों को गारंटी भी सरकार देगी और ब्याज पर 3 प्रतिशत सब्सिडी भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा रोजगार का निर्माण करने वाले युवा बनेंगे।

घर में नल के द्वारा पहुंचाया जाएगा जल—

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर संभाग के सभी जिलों में किसानों को सिंचाई के लिए नर्मदा का जल पहुंचाया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में नहरों से पानी नहीं पहुंच पा रहा हैं वहां कपिलधारा योजना अन्तर्गत कुएं खुदवाकर पानी पहुंचाया जाएगा। जनजातीय क्षेत्रों में पीने के पानी के लिए पाइप लाइन बिछाई जाएगी ताकि जनजातीय बहनों के घरों तक नल से जल पहुंचाया जा सके।

सूदखोरी करने वालों से लिया गया कर्जा होगा माफ—

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश शासन जनजातीय बंधुओं के विकास का अभियान चला रही है। इसी के तहत शोषण से मुक्ति का अभियान भी चलाया जाएगा। बिना लाइसेंस अधिक ब्याज पर जिन सूदखोरों द्वारा 5 अगस्त 2020 तक जनजातीय बंधुओं को पैसे दिए गए हैं, ऐसे कर्ज़ों को अब माफ किया जाएगा। यदि सूदखोरों द्वारा गरीबों को फिर भी प्रताड़ित किया जाता है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हेरिटेज शराब को प्रोत्साहित करेगी नई आबकारी नीति—

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन नियमित रूप से नशा मुक्ति अभियान चला रही है। लेकिन आदिवासियों द्वारा जो परंपरागत शराब बनाने का कार्य किया जा रहा है उसको भी शासन संरक्षण देगा। नई आबकारी नीति के तहत आदिवासियों द्वारा बनाई जा रही शराब को हैरिटेज शराब के नाम से विक्रय किये जाने का अनुमति दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में विद्यार्थियों को उत्तम शिक्षा प्रदान करने के लिए सीएम राईज स्कूल खोले जाएंगे। आकांक्षा योजना के तहत आईआईटी, मेडिकल एवं लॉ में चयनित होने वाले बच्चों की फीस माफ की जाएगी। प्रदेश के जबलपुर, भोपाल, इंदौर में जनजातीय विद्यार्थियों की काउंसलिंग के लिए केंद्र खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आजादी के 75 वर्ष पर जनजाति की वीर गाथाओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में किया जा रहा है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए आप सभी का सहयोग अपेक्षित है।

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