
मधुबनी शहर में हो रहे नाला निर्माण में सरकारी जमीन छोड़ने पर बिफरे एसडीएम, अधिकारी व अभियंता को लगायी फटकार
मधुबनी। जिला मुख्यालय में हो रहे नाला निर्माण में सरकारी भूमि को छोड़े जाने से नाराज मधुबनी सदर एसडीएम अश्विनी कुमार ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। शिकायत मिलने के बाद सदर एसडीएम ने सोमवार को वाटसन प्लस टू स्कूल के पास हो रहे निर्माण कार्य स्थल का जायजा लिया। मापी व सीमांकन के बाद नाला निर्माण के लिए निर्धारित भूमि को छोड़कर नाला बनाये जाने पर एजेंसी क्रूसी इंफ्रा के अधिकारी व अभियंता को फटकार लगायी। व्यक्ति विशेष को लाभ दिए जाने के उद्देश्य से सरकारी भूमि को छोड़कर सड़क पर नाला का निर्माण यहां पर कर दिया गया है। उन्होंने मॉनिटरिंग एजेंसी बूडको की कार्यशैली पर भी नाराजगी व्यक्त की। बताया कि नियमित मॉनिटरिंग नहीं होने के कारण ही इस प्रकार की अनियमितता सामने आती है। इसदौरान उन्होंने बेतरतीब हो रहे निर्माण और जहां-तहां सड़क खोदकर गड्ढा छोड़ देने को संज्ञान में लिया और इसतरह से होने वाले निर्माण को लेकर फटकार लगायी। इसदौरान बूडको के अभियंता ने एजेंसी की मनमानी को उल्लेखित किया। कहा निर्माण के लिए जो दिशा निर्देश या गाइडलाइन दिया जाता है, उसका फॉलो नहीं किया जा रहा है। बेतरतीब निर्माण व गुणवत्ता को लेकर कई बार जरूरी निर्देश दिये गये हैं। एसडीएम ने वाटसन प्लस टू स्कूल और पास के हो रहे निर्माण पर फीता लगाकर सीधा करने का आदेश दिया। कहा सीध में निर्माण नहीं हुआ या फिर सरकारी भूमि को छोड़क व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गयी तो सख्त कार्रवाई की जायेगी। मालूम हो कि शहर में स्ट्रार्म ड्रेनेज प्रोजेक्ट के तहत केनाल पर नाला निर्माण के साथ ही अन्य दो संपर्क नाला का निर्माण होना है। 129 करोड़ का यह प्रोजेक्ट लगभग तीन साल पहले शुरू हुआ और 33 करोड़ निकासी भी हो गयी है। लेकिन दो साल से केवल कोतवाली चैक से थाना मोड़ तक लगभग एक किमी का नाला का निर्माण एजेंसी से नहीं हो सका है। इसे लेकर लगातार चेतावनी भी एजेंसी को दिया गया है। जिसका असर नहीं हो रहा है। जानकारों की माने तो निर्माण की रफ्तार यही रही तो आने वाले दो तीन साल में भी केनाल का निर्माण संभव नहीं हो सकेगा। एजेंसी की लापरवाही को लेकर जिला प्रभारी मंत्री लेशी सिंह ने भी अपने दौरा के क्रम में कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त की थी। यहीं नहीं इसकारण मुख्य सड़क जर्जर हो गयी है। जिससे यहां पर दर्जनों दुर्घटनाएं हो चुकी है।



